कोरोना वायरस: देश में मामले 57 लाख और मौतें 91 हजार के पार, निजी अस्पतालों पर कसा शिकंजा 

24 Sep, 2020 11:35 IST|Sakshi

24 घंटे में कोरोनावायरस के 86,508 मामले

भारत में मौत का आंकड़ा 91,149

निजी अस्पतालों पर कार्रवाई 

नई दिल्ली: देश में 24 घंटे में कोरोनावायरस के 86,508 मामलों के साथ कुल संख्या 57,32,518 तक पहुंच गया है। वहीं 1,129 नई मौतों के बाद कुल संख्या 91,149 हो गई है। कुल मामलों में से 9,66,382 सक्रिय मामले हैं, वहीं 46,74,987 लोगों को अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश में रिकवरी रेट 81.55 प्रतिशत और मृत्यु दर 1.59 प्रतिशत है।

देश में सबसे अधिक प्रभावित राज्य महाराष्ट्र में 12,63,799 मामले और 33,886 मौतें दर्ज हो चुकी हैं। इसके बाद प्रभावित राज्यों में आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश हैं। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के आंकड़ों के अनुसार, भारत ने बुधवार को 11,56,569 नमूनों का परीक्षण किया। इसके साथ ही अब तक जांच किए गए नमूनों की कुल संख्या 6,74,36,031 हो गई है।

लखनऊ के चार निजी अस्पतालों को नोटिस 

कोविड-19 मरीजों के इलाज में ढिलाई बरतने के कारण हुई 48 मरीजों की मौत के बाद लखनऊ प्रशासन ने 4 निजी अस्पतालों को नोटिस दिया है। यहां की चंदन अस्पताल, मेयो अस्पताल, चरक अस्पताल और अपोलो अस्पताल को मरीजों के परीक्षण करने में, इलाज शुरू करने में, वाडरें में शिफ्ट करने में देरी करने का दोषी पाया गया है। इन सभी को महामारी रोग अधिनियम के तहत नोटिस जारी कर 24 घंटे में जवाब देने के लिए कहा गया है।

लखनऊ के जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने कहा, "कुछ अस्पतालों में ऐसे मामलों का पता चला है जहां रोगियों के इलाज के लिए तय प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया था। इसीलिए जब उन्हें कोविड अस्पताल भेजा गया तो उनकी मौत हो गई। गैर-कोविड अस्पतालों के लिए नियम है कि यदि कोई मरीज गंभीर स्थिति में पहुंचता है, तो उसे परीक्षण क्षेत्र में रखकर बिना देरी के उसका इलाज शुरू हो जाना चाहिए।" यदि परीक्षण निगेटिव आता है तो रोगी का पूरा इलाज शुरू करना होता है। वरना मरीज को कोविड अस्पताल ले जाना होता है। इस मामले में चंदन अस्पताल के निदेशक फारूक अंसारी ने कहा कि उन्होंने पिछले डेढ़ महीने के दौरान अस्पताल में हुईं सभी मौतों का विवरण दे दिया है।
मेयो अस्पताल की हेड मधुलिका सिंह ने कहा, "ऐसे मामलों में जहां मरीजों की कोविड-19 रिपोर्ट अलग-अलग थीं, ऐसे में चिकित्सा स्थिति के आधार पर निर्णय लिए गए और कोई लापरवाही नहीं बरती गई। कुछ रोगियों के पहले रिपोर्ट निगेटिव आईं फिर पॉजिटिव आईं।" अपोलो के अजय कुमार ने इस बात से इनकार किया कि अस्पताल में 17 मरीजों की मौत हो गई है। उन्होंने कहा, "22 सितंबर से पहले किसी भी कोविड मरीज को यहां भर्ती ही नहीं किया गया था।"
 

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