कोरोना: सऊदी अरब में नौकरी गई तो भीख मांगने को मजबूर हुए 450 भारतीय, भेजे गए डिटेंशन सेंटर

19 Sep, 2020 14:48 IST|मीता

कोरोना महामारी के बीच सऊदी अरब में कई भारतीय मजदूर हुए बेरोजगार

मजबूरी में सड़क पर भीख मांगने को हुए मजबूर 

भेजे गए डिटेंशन सेंटर 

हैदराबाद : कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया में कहर बरपा दिया है। जहां एक ओर संक्रमित होने का डर है तो वहीं दूसरी ओर इससे लोगों की जान भी जा रही है। पर इतना ही नहीं इस संक्रमण ने लोगों के आर्थिक हालात को भी डांवाडोल कर दिया है। देश में जहां लोग व्यापार न चलने से परेशान है, नौकरी छूटने से परेशान है वहीं दूसरे देशों में रोजगार के लिए जाने वाले श्रमिकों पर भी इसका बुरा असर पड़ा है। 

भारत से ज्यादातर मजदूर सऊदी अरब जाते हैं कमाने के लिए पर अब इन मजदूरों को कोरोना काल में जहां रोजगार छिन जाने से मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है वहीं विदेश में कोई अपना न होने से ये किसी से मदद भी नहीं मांग सकते तो इन्हें भीख मांगने के लिए भी मजबूर होना पड़ रहा है।

परदेस में भीख मांगने को मजबूर हुए मजदूर

हुआ यूं कि सऊदी अरब में रह रहे 450 भारतीय श्रमिकों के पास कोरोना काल में रोजगार नहीं रहा तो उन्होंने परेशान होकर सड़कों पर भीख मांगना शुरू कर दिया। सड़कों पर भीख मांगता देख प्रशासन ने उन्हें डिटेंशन सेंटर भेज दिया।

पता चला है कि सड़क पर भीख मांगने वाले इन मजदूरों में से अधिकतर की कार्य परमिट की समय-सीमा खत्म हो गई थी। जिसके कारण वो मजबूरन भीख मांग रहे थे।

देश के कई हिस्सों से है ये मजदूर 

बताया जा रहा है कि ये श्रमिक उत्तर प्रदेश, कश्मीर, बिहार, दिल्ली, राजस्थान, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, हरियाणा, पंजाब और महाराष्ट्र के है। इन श्रमिकों का एक वीडियो भी समाने आया है जिसमें वो ये कहते देखे जा सकते हैं कि उनका एक मात्र गुनाह भीख मांगना है जिसके कारण उन्हें डिटेंशन सेंटर भेजा गया है। 

पता चला है कि ये सभी भारतीय जेद्दा के शुमासी डिटेंशन सेंटर भेजे गए हैं और इस डिटेंशन सेंटर में 39 लोग उत्तर प्रदेश से, 10 बिहार से, पांच तेलंगाना से, कर्नाटक और प्रदेश से चार-चार श्रमिक फंसे हुए हैं। 

एक मजदूर ने बताया कि यहां पर पाकिस्तान, इंडोनेशिया, बांग्लादेश और श्रीलंका के भी नागरिक हैं लेकिन उन्हें उनके देश के अधिकारियों के द्वारा मदद मिल रही है और उन्हें वापस बुलाया जा रहा है लेकिन हमलोग यहां फंसे हुए हैं, हमें अब तक कोई मदद नहीं मिली है।

सरकार से मदद की लगा रहे गुहार

इनमें से कई मजदूर तो पूरी तरह से निराश हो चुके हैं जबकि कुछ ने भी हिम्मत नहीं हारी है और उन्होंने भारत के पीएम नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री एस जयशंकर, नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी और सऊदी अरब में भारतीय राजदूत औसाफ सईद को पत्र लिखा है। इस पत्र में भारतीय श्रमिकों की दुर्दशा के बारे में लिखा गया है और आग्रह किया गया है कि उन्हें जल्द वापस भारत बुला लिया जाए।

मजदूरों संपर्क में रहने वाले एक व्यक्ति अमजद ने बताया कि हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री एस जयशंकर और नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखा है और यहां फंसे 450 भारतीय नागरिकों को वापस भारत बुलाने का अनुरोध कर रहे हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक 2.4 लाख भारतीय नागरिकों ने भारत वापस आने के लिए पंजीकरण करवाया है लेकिन अब तक केवल 40,000 नागरिक ही वापस आ पाए हैं।

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