इतनी आसानी से नहीं मिल सकेगी कोरोना वैक्सीन, सरकार के सामने है ये कठिन चुनौती

22 Sep, 2020 14:56 IST|संजय कुमार बिरादर
कॉंसेप्ट फोटो ( सौजन्य सोशल मीडिया)

अतिरिक्त सुविधाओं की जरूरत

केवल वैक्सीन महामारी का उपाय नहीं

नई दिल्ली : कोरोना वैक्सीन विकसित करने को लेकर पूरी दूनिया में होड़ सी मची है। 100 से अधिक कंपनियां कोरोना महामारी की दवा तैयार करने में जुटी हुई। वैक्सीन का निर्माण विभिन्न चरणों में है, जबकि रूस जैसे देश वैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रॉयल से पहले ही उसका इस्तेमाल करना शुरू कर चुके हैं। अगर हम बात भारत की करेंगे तो देश में तीन बड़ी कंपनियां कोरोना वैक्सीन तैयार करने में लगी हैं और ये कंपनियां वैक्सीन का पहला चरण पूरा कर दूसरे चरण में पहुंच चुकी हैं।

केवल वैक्सीन महामारी का उपाय नहीं

भारत जैसे अधिक आबादी वाले देश में अगर कोरोना वैक्सीन आता भी है तो आम लोगों तक उसे पहुंचने में काफी समय लग सकता है। सबसे पहले वैक्सीन के निर्माण के लिए हजारों करोड़ रुपए खर्च करने की जरूरत होगी।  बड़े पैमाने पर वैक्सीन के उत्पादन के लिए अतिरिक्त सुविधाओं की व्यवस्था करनी पड़ेगी। विशेषज्ञों की मानें केवल वैक्सीन ही कोरोना महामारी का उपाय नहीं है, क्योंकि हमें उपचार के नए तौर-तरीके तलाशने होंगे। ऐसे में कोरोना वैक्सीन एक बहुत ही मुश्किल प्लेटफार्म की तरह साबित हो रहा है।

अतिरिक्त सुविधाओं की जरूरत

इस बीच, भारत में कोरोना वैक्सीन विकिसत करने में जुटी फार्मा कंपनी जायडस कैडिला के चेयरमैन पंकज आर पटेल ने एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में कहा है कि देश में हर व्यक्ति तक कोरोना टीका पहुंचने के लिए जरूरी सुविधाएं मुहैया कराने के लिए हजारों करोड़ रुपए की जरूरत होगी।  इस वजह से वैक्सीन बनाने की लागत बहुत बढ़ जाएगी। कोरोना महामारी को नियंत्रित करने के लिए वैक्सीन अकेला समाधान नहीं है. हमें वैक्सीन भी चाहिए और ट्रीटमेंट प्रोटोकोल के हिसाब से हमें कुछ नए सुधार करने की जरूरत है।

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 उन्होंने कहा कि  इस समय दुनिया भर में जिस तरह वैक्सीन का ट्रायल किया जा रहा है उस हिसाब से 100 फीसदी लोगों में कोरोना से बचाव की इम्यूनिटी डेवलप होने की उम्मीद नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर भारत को अपनी 130 करोड़ से अधिक आबादी के लिए कोरोना वैक्सीन की खुराक तैयार करनी है तो उसे उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के लिए पांच हजार करोड़ रुपये तक के निवेश की जरूरत है। जायडस कैडिला के पटेल ने कहा कि कोरोना वैक्सीन को तैयार करने की प्रक्रिया जटिल है, इसलिए दूसरे वैक्सीन की तुलना में इसे तैयार करने में अधिक खर्च होगा।
 

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