बीजेपी के पहले 'चाणक्य' माने जाते हैं प्रमोद महाजन, अटल-आडवाणी थे इनके कौशल के मुरीद

30 Oct, 2020 02:37 IST|Sakshi

महाराष्ट्र में नहीं तेलंगाना में पैदा हुए थे प्रमोद महाजन

अटल-आडवाणी भी लेते थे इनसे सलाह

भाजपा के हाईप्रोफाइल नेता प्रमोद महाजन की आज यानी शुक्रवार को 71वीं बर्थ एनिवर्सरी है। प्रमोद महाजन का जन्म 30 अक्टूबर 1949 को तेलंगाना के  महबूब नगर इलाके एक देशहस्थ ब्राह्मण परिवार में हुआ था। प्रमोद महाजन को भाजपा के हाई प्रोफाइल नेता इसलिए माने जाते थे, क्योंकि उन्हें पार्टी का फंड मैनेजर कहा जाता था। देश के बड़े उद्योग घरानों से उनके सीधे संबंध थे। अटल सरकार के दौरान वे आईटी मिनिस्टर और रक्षा मंत्री भी रहे।  भारतीय राजनीति के सबसे चर्चित नेताओं में से एक महाजन बीजेपी के सबसे विश्वसनीय राजनेताओं में से एक थे। उनके जन्मदिन के इस मौके पर हम आपको बताने जा रहे हैं उनके जीवन से जुड़े कुछ अहम बातें जो कम ही लोगों को पता हैं।

भाजपा नेता प्रमोद महाजन (फाइल फोटो) 

  •  एक टीचर के रूप में अपने करियर की शुरूआत करने वाले महाजन ने अपने जीवन में  भारत के केंद्रीय मंत्री तक का सफर तय किया। 
  • प्रमोद महाजन ने रानाडे इंस्टीट्यूट ऑफ जर्नलिज्म, पुणे (डिपार्टमेंट ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म, एसपीपीयू) से पत्रकारिता की डिग्री ली थी। 
  • उन्होंने सक्रिय राजनीति में शामिल होने से पहले 1971 और 1974 के बीच अंबेजोगाई के खोलेश्वर कॉलेज में एक इंग्लिश टीचर के रूप में अपनी सेवाएं दी।
  • साल 1974 में प्रमोद ने स्कूल टीचर की नौकरी छोड़ दी। इसके बाद  उन्होंने आरएसएस के प्रचारक बनने का फैसला कर लिया। 
  • धीरे धीरे वक्त बीतता गया और देश में आपातकाल लगा दिया गया। इस दौरान प्रमोद को नासिक जेल जाना पड़ा।
  •  साल 1977 में प्रमोद महाजन को जेल से रिहा कर दिया गया। इसके बाद बीजेपी का गठन हुआ तो आरएसएस ने उन्हें पार्टी का काम सौंप दिया।
  •  वह महाराष्ट्र में बीजेपी के महासचिव बनाए गए । इस पद पर वह 1985 तक रहे। 1983 में ही उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय सचिव भी बनाया गया।
रथयात्रा में आडवाणी के साथ प्रमोद महाजन ( फाइल फोटो)

  • बीजेपी को हिंदी पट्टी में मजबूत जमीन मुहैया कराने में तत्कालीन पार्टी अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी की सोमनाथ से अयोध्या रथयात्रा का अहम रोल था।
  • आज सोशल मीडिया पर मौैजूदा गृहमंत्री अमित शाह को बीजेपी का चाणक्य कहा जाता है लेकिन प्रमोद महाजन बीजेपी के अटल-आडवाणी युग के पहले पार्टी के चाणक्य माने जाते हैं।
  •  प्रमोद महाजन ने साल 1986 में पहली बार बतौर राज्यसभा सांसद बने। तब से लेकर मृत्यु तक वह राज्यसभा सांसद ही रहे। हलांकि वे अपने पूरे कार्यकाल राजनीतिक जीवन में केवल एक ही बार दो साल के लिए लोकसभा मे थे। साल 1996 में उन्होंने  मुंबई नॉर्थ ईस्ट सीट से चुनाव में जीत हासिल की थी। लेकिन दो साल बाद साल 1998 में वह यहां से चुनाव हार गए थे।
एक जनसभा में आडवाणी से बात करते प्रमोद महाजन (फाइल फोटो)

  • प्रमोद महाजन अटल और आडवाणी के काफी करीब थे। उनकी अटल जी से बड़ी पक्की दोस्ती थी। वह सदन में हमेशा अटल बिहारी वाजपेयी के पीछे बैठते थे।
  • बताया जाता है कि प्रमोद महाजन अटल जी के इतने करीबी थे कि वह किसी भी मामले को लेकर महाजन से सलाह किया करते थे। 
  • प्रमोद महाजन ने अटल बिहारी वाजपेयी की पहली 13 दिनी सरकार में बतौर रक्षा मंत्री शपथ ली थी। इसके बाद उन्होंनें अटल सरकार में सूचना और प्रसारण मंत्री शामिल किया गया। एक साल बाद उन्हें जल संसाधन और संसदीय कार्यमंत्री की भी जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
अटलजी के साथ प्रमोद महाजन ( फाइल फोटो)

  • 2003 के विधानसभा चुनावों में अपनी रणनीतिक सफलता के बाद बीजेपी के कद्दावर नेता प्रमोद महाजन ने बेहद मजाकिया लहजे में कहा था कि पेप्सी और प्रमोद महाजन कभी अपना फॉर्मूला नहीं बताते।
  • 3 मई  2006 को प्रमोद महाजन ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया था। उनके भाई प्रवीण महाजन ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी थी। 
     
Load Comments
Hide Comments
More News
आंध्र-प्रदेश
मुख्य समाचार
.