सियासी महत्वाकांशा के शिकार हैं गुप्तेश्वर पांडे, 11 साल पहले BJP से मिला था धोखा

23 Sep, 2020 08:51 IST|Sakshi
फाइल फोटो: गुप्तेश्वर पांडेय अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ

गुप्तेश्वर पांडेय का वीआरएस मंजूर

चुनाव लड़ने की चाहत का कयास 

11 साल पहले भी लिया था वीआरएस

नई दिल्ली: बिहार के पुलिस महानिदेशक डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने अपनी पुलिस सेवा को बाय बाय कहने का मन बना लिया है। माना जा रहा है कि वीआरएस के बाद आगामी चुनाव में पांडेय ताल ठोकने के लिये तैयार हैं। गुप्तेश्वर पांडेय का इस्तीफा राज्यपाल ने स्वीकार कर लिया है। लिहाजा इस बार इस्तीफे की कवायद पक्की मानी जा रही है। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि गुप्तेश्वर पांडेय ने 11 साल पहले भी चुनाव लड़ने की मंशा से वीआरएस के लिए अप्लाय किया था। जिसे बाद में उन्होंने वापस ले लिया। तब गुप्तेश्वर पांडेय को बीजेपी से टिकट नहीं मिल पाया था। 

इस बार एनडीए के टिकट पर मैदान में

माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव में गुप्तेश्वर एनडीए के उम्मीदवार बनाये जा सकते हैं। आरा या भोजपुर इलाके में किसी विभानसभा सीट से पांडेय चुनाव लड़ेंगे ऐसे कयास लगाये जा रहे हैं। पांडेय की छवि सख्त प्रशासक की है लिहाजा लोग उन्हें पसंद भी करते हैं। अगड़ी जाति से आने वाले गुप्तेश्वर पांडेय को लोग जात बिरादरी के दायरे में बांधकर नहीं देखते, बल्कि उनकी ईमानदार छवि के सब कायल हैं। 

1987 बैच के आईपीएस ऑफिसर गुप्तेश्वर पांडेय को जनवरी 2019 में बिहार का डीजीपी बनाया गया। बतौर डीजीपी उनका कार्यकाल 28 फरवरी 2021 तक था, लेकिन उन्होंने मंगलवार को समय पूरा होने से पहले ही वीआरएस के लिए अर्जी दाखिल कर दी। 11 साल पहले जब गुप्तेश्वर पांडेय ने वीआरएस के लिए अप्लाय किया था तब लोकसभा चुनाव का दौर चल रहा था। फिलहाल विधानसभा चुनाव का मौसम है, मतलब ये कि राजनीति में आने की गुप्तेश्वर पांडेय की लंबे समय से मंशा रही है। 

एसके सिंघल को मिला डीजीपी का प्रभार 

गुप्तेश्वर पांडेय के वीआरएस को लेकर गृह विभाग ने जानकारी दी । बिहार के गृह विभाग द्वारा मंगलवार की देर शाम जारी एक अधिसूचना में कहा गया है कि राज्यपाल फागू चौहान ने पांडेय के अनुरोध को मंजूरी दे दी है। अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) जितेंद्र कुमार ने बताया कि भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी एसके सिंघल को बिहार के पुलिस महानिदेशक के पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। सिंघल वर्तमान में महानिदेशक (होमगार्ड्स) के पद तैनात हैं । मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 1987 बैच के आईपीएस अधिकारी पांडेय आसन्न बिहार विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं। पांडेय हाल में अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामले में महाराष्ट्र की शिवसेना सरकार के नीतीश कुमार सरकार पर हमले को लेकर बिहार सरकार के बचाव के लिए सुर्खियों में रहे थे। गुप्तेश्वर पांडेय ने 2009 में लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए समय से पहले सेवानिवृत्ति ले ली थी, लेकिन बाद में राज्य सरकार ने उनकी वीआरएस याचिका स्वीकार नहीं की और उन्हें पुलिस सेवा में बहाल कर दिया था। 

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