UP पहला राज्य, जहां लव जिहाद जुर्म, गैर जमानती धाराओं में केस दर्ज होगा,10 साल तक की होगी सजा

24 Nov, 2020 20:25 IST|Sakshi
योगी आदित्यनाथ।

UP के अलावा 4 अन्य राज्यों में भी लव जिहाद के खिलाफ कानून बनाए जाने की तैयारी

गैर जमानती धाराओं में केस दर्ज होगा

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लखनऊ : उत्तर प्रदेश ( Uttar Pradesh) मंत्रिमंडल ने तथाकथित 'लव जिहाद' ( Love Jihad की घटनाओं को रोकने के लिए मंगलवार को एक अध्यादेश को मंजूरी दे दी। इसके तहत विवाह के लिए छल, कपट, प्रलोभन या बलपूर्वक धर्मांतरण कराए जाने पर अधिकतम 10 वर्ष कारावास और जुर्माने की सजा का प्रावधान है। प्रस्ताव के मुताबिक, गैर जमानती धाराओं में केस दर्ज होगा और दोषी पाए जाने पर 10 साल तक की सख्त सजा हो सकती है। इसी के साथ उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है, जिसने लव जिहाद के खिलाफ कानून को मंजूरी दी है।

राज्य सरकार के प्रवक्ता एवं कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में 'उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश 2020' को मंजूरी दे दी गई। उन्होंने बताया कि इस अध्यादेश के तहत ऐसे धर्म परिवर्तन को अपराध की श्रेणी में लाया जाएगा जो छल, कपट, प्रलोभन, बलपूर्वक या गलत तरीके से प्रभाव डालकर विवाह या किसी कपट रीति से एक धर्म से दूसरे धर्म में लाने के लिए किया जा रहा हो। 

गैरजमानती अपराध की श्रेणी में रखा जाएगा
उन्होंने बताया कि इसे गैर जमानती संज्ञेय अपराध की श्रेणी में रखने और उससे संबंधित मुकदमे को प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट की न्यायालय में विचारणीय बनाए जाने का प्रावधान किया जा रहा है। सिंह ने बताया कि सामूहिक धर्म परिवर्तन के मामले में संबंधित सामाजिक संगठनों का पंजीकरण रद्द कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कोई धर्मांतरण छल, कपट, जबरन या विवाह के जरिए नहीं किया गया है, इसके सबूत देने की जिम्मेदारी धर्म परिवर्तन कराने वाले तथा करने वाले व्यक्ति पर होगी। उन्होंने बताया कि अध्यादेश का उल्लंघन करने पर कम से कम एक साल और अधिकतम पांच साल कैद तथा 15000 रुपए जुर्माने का प्रावधान किया गया है, जबकि नाबालिग लड़की, अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति की महिला के मामले में यह सजा तीन साल से 10 वर्ष तक की कैद और 25000 रुपये जुर्माने की होगी। 

10 साल की और 50 हजार जुर्माना
इसके अलावा सामूहिक धर्म परिवर्तन के संबंध में अधिकतम 10 साल की कैद और 50,000 रुपये जुर्माने की सजा का प्रावधान किया गया है। प्रवक्ता ने बताया कि अध्यादेश में धर्म परिवर्तन के इच्छुक लोगों को जिला अधिकारी के सामने एक निर्धारित प्रोफार्मा पर दो माह पहले इसकी सूचना देनी होगी। इजाजत मिलने पर वे धर्म परिवर्तन कर सकेंगे। इसका उल्लंघन करने पर छह माह से तीन साल तक की कैद और 10,000 रुपये जुर्माने की सजा तय की गई है। 

योगी आदित्य ने पिछले दिनों किया था ऐलान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले दिनों कथित लव जिहाद के खिलाफ कानून बनाने का ऐलान किया था। उत्तर प्रदेश के गृह विभाग ने कानून विभाग को 'लव जिहाद' के खिलाफ सख्त कानून लाने का प्रस्ताव हाल में भेजा था। कड़े कानून की आवश्यकता पर जोर देते हुए कानून मंत्री बृजेश पाठक ने  कहा था, "राज्य में ऐसे मामलों में वृद्धि हुई है, जो सामाजिक शर्मिंदगी और दुश्मनी का कारण बने हैं। इन मामलों से माहौल खराब हो रहा है इसलिए एक सख्त कानून समय की जरूरत है।” पिछले महीने जौनपुर और देवरिया में हुए उपचुनावों के लिए रैलियों को संबोधित करते हुए योगी ने कहा था कि उनकी सरकार 'लव जिहाद' से निपटने के लिए एक कानून लेकर आएगी। 

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