लाइसेंसी हथियार रखने के मामले में यूपी नंबर वन, जानिए कैसे मिलती है मंजूरी

21 Sep, 2020 20:38 IST|Sakshi
प्रतिकात्मक फोटो

लाइसेंसी हथियार रखने में यूपी अव्वल

जानिए कैसे हासिल करें आर्म्स लाइसेंस? 

लखनऊ: लाइसेंसी हथियार रखने के मामले में उत्तर प्रदेश अव्वल है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक एक जनवरी 2018 से 15 सितंबर 2020 के बीच अखिल भारतीय वैधता वाले कुल 94,400 शस्त्र लाइसेंस का नवीकरण किया गया जिनमें से 19,238 उत्तर प्रदेश से थे जिसके बाद जम्मू कश्मीर से 14,172 और हरियाणा से 12,230 लाइसेंस थे। देश भर में एक जनवरी 2018 से इस साल 15 सितंबर तक जारी 22,805 नए शस्त्र लाइसेंसों में से 17,905 जम्मू कश्मीर में जारी किये गए जबकि दूसरे स्थान पर रहे उत्तर प्रदेश में बस 952 ही नए लाइसेंस जारी किये गए। इस अवधि में मध्य प्रदेश में 666 नए शस्त्र लाइसेंस जारी हुए तो हिमाचल प्रदेश के लिये 623 और पंजाब के लिये इनकी संख्या 314 थी। 

गृह मंत्रालय के आंकड़ों में कहा गया कि एक जनवरी 2018 से 15 सितंबर 2020 के बीच रद्द किये गए कुल 2,435 शस्त्र लाइसेंस में से अधिकतम उत्तर प्रदेश (1911) से थे जबकि अन्य राज्यों में रद्द किये गए शस्त्र लाइसेंस की संख्या दहाई में थी। शस्त्र लाइसेंस शस्त्र अधिनियम, 1959 और शस्त्र नियम 2016 के तहत दिये, नवीकृत और रद्द किये जाते हैं। प्रतिबंधित श्रेणी के हथियारों के लिये अखिल भारतीय वैधता वाले लाइसेंस जहां गृह मंत्रालय द्वारा जारी किये जाते हैं वहीं मंजूर श्रेणियों के हथियारों के लिये लाइसेंस राज्य सरकारें या केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन जारी करते हैं। 

युवाओं को है हथियार रखने का चस्का 

अपुष्ट आंकड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में 12 लाख से अधिक लोगों के पास हथियार के लाइसेंस हैं। अकेले राजधानी लखनऊ में करीब साठ हजार लोगों के पास लाइसेंसी हथियार हैं। हैरानी इस बात की कि लाइसेंसे के लिए उत्तर प्रदेश में आवेदन करने वाले अधिकांश आवेदकों की उम्र तीस साल के करीब है। कुल मिलाकर कहा जाय उत्तर प्रदेश ने हथियार रखने के मामले में उग्रवाद प्रभावित जम्मू कश्मीर को भी पीछे छोड़ दिया है। 

कैसे प्राप्त करें हथियारों के लाइसेंस 

अगर आपको किसी से खतरा है और आप आत्मरक्षार्थ हथियार रखना चाहते हैं तो इसके लिए सरकारी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। सबसे पहले आपको जिलाधिकारी दफ्तर से 'फॉर्म-A'प्राप्त करना हो। इसे आप ऑनलाइन भी डाउनलोड कर सकते हैं। फॉर्म भरकर आपको दिलाधिकारी दफ्तर में जमा कराना होता है।

हथियार रखने की योग्यता की होती है जांच

लाइसेंस देने से पहले सरकार इस बात की पूरी तस्दीक करती है कि वाकई आपके लिए हथियार रखना जरूरी है या नहीं। आपका चाल चलन और सामाजिक व्यवहार भी मायने रखता है। तामसी और झगड़ालू स्वभाव वालों को हथियार का लाइसेंस मिलना मुश्किल होता है। अपनी पहचान, पता, उम्र और फिटनेस प्रूफ के साथ आपको आवेदन करना होता है। आपको सरकार के सामने ये खुलासा करना होता है कि आप कौन सा हथियार खरीदना चाहते हैं।

हथियारों के लाइसेंस के साथ जुड़े हैं ये नियम 

आम तौर पर हथियारों के लाइसेंस किसी खास स्टेट के लिए ही दी जाती है। जरूरी होने पर गृह मंत्रालय की मंजूरी लेकर आर्म्स रूल-1962 के नियम-53 के तहत आप हथियार दूसरे राज्य में ले जाने की परमिशन ले सकते हैं। किसी भी स्थिति में सार्वजनिक जगहों पर हथियारों का प्रदर्शन वर्जित है। इसके अलावा चुनाव या कई मौकों पर सरकार आपसे लाइसेंसी हथियार जमा करने को कह सकती है। हथियार की चोरी होने की स्थिति में आपको तत्काल लोकल थाने को खबर करनी होती है। 

- विजय कुमार

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