बिहार विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव में भी नीतीश को टक्कर देंगे तेजस्वी, दोनों गठबंधन फिर आमने-सामने

24 Nov, 2020 13:40 IST|सुषमाश्री
तेजस्वी यादव और नीतीश कुमार फिर आमने-सामने

राजग के पास बहुमत है और उनके प्रत्याशी की जीत तय है

नवगठित विधानसभा अध्यक्ष के लिए बुधवार को होना है चुनाव

विधायकों से अपील कि अनुभवी अध्यक्ष चुनने के लिए दें वोट

पटना : बिहार विधानसभा (Bihar Assembly) अध्यक्ष को लेकर सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनता दल (राजद) (RJD) और विपक्षी दलों का महागठबंधन (Mahaganthbandhan) आमने-सामने आ गया है। बिहार विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव सत्ता पक्ष की ओर से चुने जाने की परंपरा रही है, लेकिन इस बार विपक्ष ने अपना प्रत्याशी उतार दिया है, जिससे अध्यक्ष पद को लेकर चुनाव तय माना जा रहा है। महागठबंधन ने अध्यक्ष पद के लिए सिवान के विधायक अवध बिहारी चौधरी (Awadh Bihari Chaudhary) को उम्मीदवार बनाया है। इसके बाद यह तय हो गया है कि विधानसभा अध्यक्ष को लेकर इस बार चुनाव होगा।

राजद के विधायक दल के नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने मंगलवार को यहां कहा कि महागठबंधन की ओर से अवध बिहारी चौधरी (Awadh Bihari Chaudhary) ने नामांकन का पर्चा भर दिया है। उन्होंने चौधरी की जीत का दावा करते हुए कहा कि बिहार में विधानसभा अध्यक्ष का पद अहम और जिम्मेदारी वाला होता है, जो पक्ष और विपक्ष को साथ लेकर चल सके, सबकी बातें सुने। इसके लिए अनुभव का होना बहुत जरूरी है।

विधायकों से अपील कि अनुभवी अध्यक्ष चुनने के लिए दें वोट

AIMIM का समर्थन देने के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वे सभी विधायकों से अपील करेंगे कि वे अनुभवी अध्यक्ष चुनने के लिए वोट दें। उन्होंने कहा कि चौधरी पहली बार 1985 में विधायक बने थे और अब तक पांच बार विधायक रहे हैं। उन्होंने राजग के विधायकों से भी अनुभवी नेता को अध्यक्ष बनाए जाने का आह्वान किया है।

इधर, प्रत्याशी बनने के बाद चौधरी ने कहा कि महागठबंधन ने उन्हें विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए प्रत्याशी बनाया है। उन्होंने विधायकों को विश्वास जताते हुए कहा कि वे अध्यक्ष बनने के बाद पूरे नियम से और बिना भेदभाव के सदन चलाने का काम करेंगे।

नवगठित विधानसभा अध्यक्ष के लिए बुधवार को होना है चुनाव

नवगठित विधानसभा अध्यक्ष के लिए बुधवार को चुनाव होना है। इधर, राजग ने भाजपा के विधायक विजय कुमार सिन्हा को अध्यक्ष पद का उम्मीदवार बनाया है। उन्होंने भी अपना नामांकन दाखिल कर दिया है।

सिन्हा ने मंगलवार को कहा, पार्टी नेतृत्व ने मुझपर जो विश्वास किया है, उसपर मैं पूरी ताकत के साथ खरा उतरने का प्रयास करूंगा। नेतृत्व का सम्मान और गौरव बढ़ाने के लिए मैं पूरी तन्मयता के साथ काम करूंगा। लखीसराय के विधायक सिन्हा बिहार के मंत्री रह चुके हैं।

राजग के पास बहुमत है और उनके प्रत्याशी की जीत तय है

इधर, भाजपा के विधायक संजय सरावगी ने कहा कि राजग के पास बहुमत है और उनके प्रत्याशी की जीत तय है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र है कि सभी को प्रत्याशी उतारने का हक है, हालांकि राजग की जीत तय है।

उल्लेखनीय है कि बिहार की 243 सीटों में से राजग के पास 125 विधायक हैं जबकि महागठबंधन के पास 110 विधायक हैं। इसके अलावा AIMIM के 5, बहुजन समाज पार्टी व लोकजनशक्ति पार्टी के एक-एक और एक निर्दलीय विधायक है।

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