सीएम शिवराज सिंह चौहान का ऐलान- आज राज्यपाल और कल मंत्रिमंडल लेगा शपथ

1 Jul, 2020 14:41 IST|Sakshi
सीएम शिवराज सिंह चौहान

भोपाल : मध्‍य प्रदेश में शिवराज सरकार के कैबिनेट विस्‍तार पर पिछले कई दिनों से अटकलों का बाजार  गर्म था। अब प्रदेश के मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ऐलान किया कि गुरुवार को कैबिनेट का विस्‍तार‍ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज राज्यपाल शपथ लेंगी और कल कैबिनेट का शपथ ग्रहण होगा। मंत्रिमंडल पर लंबे मंथन के सवाल पर बोले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “समुद्र मंथन से अमृत निकलता है, विष को शिव पी जाते हैं।”

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल बुधवार को दोपहर बाद भोपाल आ रही हैं। वे शाम 4.30 बजे मध्य प्रदेश के प्रभारी राज्यपाल की शपथ लेंगी। 

बीते दिनों शिवराज के दिल्ली दौरे के बाद मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं थीं। इस बारे में सीएम शिवराज की गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ चर्चा भी हुई थी। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक के बाद अंतिम समय में कैबिनेट विस्तार पर विराम लग गया था। 

भाजपा सूत्रों के मुताबिक मंत्रिमंडल में 20 से 25 लोगों को शामिल किया जा सकता है। ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ मार्च माह में कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में शामिल हुए नौ पूर्व विधायकों को भी मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। चौहान इस सिलसिले में मध्य प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा एवं प्रदेश के संगठन महामंत्री सुहास भगत के साथ केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा के लिए रविवार को दिल्ली पहुंचे थे। 

उन्होंने भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, संगठन महामंत्री बीएल संतोष और ज्योतिरादित्स सिंधिया सहित पार्टी के अन्य नेताओं से मुलाकात की थी। वह दो दिन दिल्ली के दौरे पर रहने के बाद आज भोपाल लौटे हैं। चौहान ने 23 मार्च को अकेले मुख्यमंत्री की शपथ ली थी और कोरोना वायरस महामारी और लॉकडाउन के बीच मुख्यमंत्री चौहान करीब एक माह तक अकेले ही सरकार चलाते रहे। बाद में 21 अप्रैल को पांच सदस्यीय मंत्रिपरिषद का गठन कर सके थे, जिनमें कांग्रेस छोड़ भाजपा में आये पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया खेमे के दो मंत्री तुलसी सिलावट एवं गोविन्द सिंह राजपूत शामिल हैं। 

आप को बता दें कि मार्च में कांग्रेस के 22 विधायकों के राज्य विधानसभा से त्यागपत्र देने से कमलनाथ नीत कांग्रेस सरकार गिर गयी थी और चौहान के नेतृत्व में प्रदेश में भाजपा सरकार बनी थी। वे रिकॉर्ड चौथी बार प्रदेश के मुखिया बने हैं। कांग्रेस के अधिकांश बागी विधायक, जिन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था, सिंधिया के समर्थक माने जाते हैं।

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