रामविलास पासवान की खाली सीट का उपचुनाव में नीतीश लेंगे चिराग से चुनावी बदला

24 Nov, 2020 17:42 IST|Sakshi
नीतीश कुमार और चिराग पासवान।

दिवंगत दिग्गज( LJP) नेता रामविलास पासवान (Ram Vilas Paswan) के निधन के बाद राज्यसभा (Rajya Sabha) की सीट खाली हो गई है। अब  इस सीट पर उपचुनाव होने जा रहा है। यह चुनाव बीजेपी और JDU के रिश्तों को और ज्यादा मजबूत करने के साथ साथ एनडीए में लोक जनशक्ति पार्टी के अस्तित्व को तय करने वाला हो सकते है। इसके साथ साथ नीतीश कुमार के पास भी मौका है कि वह चिराग पासवान को अपने अंदाज में करारा जवाब दे सकें। 

जदयू के लिए राज्यसभा चुनाव एक गोल्डन चांस हो सकता है। चुनाव के दौरान चिराग पासवान ( Chirag Paswan) लगातार जदयू और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) पर हमलावर रहे हैं, लेकिन बीजेपी की ओर से उन्हें कोई जवाब नहीं मिला था। हालांकि चिराग की मां रीना पासवान का नाम उपचुनाव की उम्मीदवारी के लिए सामने आ रहा है। लेकिन जब तक बीजेपी इस बात पर सहमत नहीं होती, वह चुनाव नहीं लड़ेंगी। 

चिराग को सता रहा डर
ऐसा इसलिए क्योंकि विधानसभा चुनावों के दौरान एलजेपी ने जदयू पर जमकर हमला किया था। ऐसे में एलजेपी को इस बात का डर सता रहा है कि अगर हमने अपना कैंडिडेट उतारा तो जदयू हमें सपोर्ट नहीं करेगी। इसलिए मुश्किल ही लग रहा है कि चिराग इस सीट पर अपना कोई कैंडिडेट उतारे। दरअसल  माना जा रहा है कि भाजपा राज्यसभा की इस सीट के लिए अपने ही किसी कैंडिडेट मैदान में उतार दे। भाजपा की तरफ  से कुछ कैंडिडेट्स के नाम सामने आए है। इनमें  सुशील मोदी, शहनवाज हुसैन, रितुराज सिन्हा का नाम शामिल है।

भाजपा के सामने भी है यह मुश्किल
हालांकि भाजपा के भी सामने एक संकट है। दरअसल बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा पर आरोप लग चुका है कि उनके ही  शह पर ही चिराग ने नीतीश के खिलाफ हमलावर रुख अख्तियार किया था।  ऐसे में अगर बीजेपी चिराग को समर्थन का आश्वासन देती है तो उस पर ऐसा आरोप लगाने वालों को बल मिलेगा। फिर हकीकत यही है कि अकेले बीजेपी के समर्थन से एनडीए के किसी भी कैंडिडेट को विजय नहीं हो सकती। ऐसे में रामविलास पासवान के निधन से खाली हुई राज्यसभा सीट एलजेपी के खाते में दोबारा जाने के आसार न के बराबर ही गए हैं। 

बीजेपी से अलग नहीं होना चाहते हैं चिराग
लोकजनशक्ति पार्टी  अभी भी केंद्र में एनडीए के साथ खड़ी है। माना जा रहा है कि आरजेडी चिराग के कैंडिडेट को सपोर्ट कर सकती है लेकिन शायद चिराग उसकी मदद नहीं लेने के मूड में है। ऐसा इसलिए क्योंकि चिराग किसी भी हालत में बीजेपी से अलग नहीं होना चाहते हैं। 

बता दें कि लोकसभा चुनाव में सीट बंटवारे के दौरान छह लोकसभा सीटें और एक राज्यसभा सीट मिली थी। दिवंगत मंत्री राम विलास पासवान साल 2019 में लोकसभा चुनाव के दौरान राज्यसभा पहुंचे थे।  उनका कार्यकाल साल अप्रैल 2024 तक था।

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