प्रियंका गांधी का अब लखनऊ में होगा नया ठिकाना, 'मामी' के मकान में रहने की तैयारी

2 Jul, 2020 08:02 IST|Sakshi
प्रियंका गांधी

कांग्रेस ने भाजपा को राजीव गांधी की दरियादिली का दिया हवाला 

राजनीतिक गतिविधियां तेज करने की तैयारी 

नई दिल्ली : उत्तर प्रदेश कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को मोदी सरकार ने बुधवार को नई दिल्ली स्थित बंगला एक महीने के भीतर खाली कर दें क्योंकि एसपीजी सुरक्षा वापस लिए जाने के बाद वह आवासीय सुविधा पाने की हकदार नहीं हैं। आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि वह एक अगस्त तक मौजूदा आवास ‘35 लोधी एस्टेट' खाली कर दें और अगर ऐसा नहीं करती हैं तो उन्हें नियमों के मुताबिक किराये अथवा क्षतिपूर्ति का भुगतान करना होगा। 

प्रियंका गांधी वाड्रा के करीबी सूत्रों के मुताबिक अब वे दिल्ली नहीं लखनऊ का रुख करेंगी। खबर ये भी है कि उनके लिए यहां एक शानदार बंगले की साफ-सफाई भी हो चुकी है। 

कौल हाउस में शिफ्ट होने की तैयारी 

जानकारी के मुताबिक प्रियंका गांधी वाड्रा अब राजनीतिक दृष्टिकोण से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अपना बेस बनाने की तैयारी में हैं। वे लखनऊ में मौजूद 'कौल हाउस' में शिफ्ट होंगी। ये बंगला इंदिरा गांधी की मामी शीला कौल का है। शीला कौल केंद्रीय कैबिनेट में मंत्री भी रह चुकी थीं और कांग्रेस की कद्दावर नेता थीं। लखनऊ में मौजूद उन्हीं के घर ‘कौल हाउस’ की मरम्मत का काम पूरा हो चुका है। माना जा रहा है प्रियंका गांधी वाड्रा इसी बंगले में शिफ्ट होंगी। 

राजनीतिक गतिविधियां तेज करने की तैयारी 

प्रियंका गांधी वाड्रा का दिल्ली से लखनऊ शिफ्ट होना चुनावी तैयारी के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। वे चुनाव से पहले लखनऊ में रहकर यूपी के अलग-अलग जिलों में ज्यादा से ज्यादा वक्त बिताना चाहती हैं। इस तरह आने वाले दिनों में वे और सक्रिय नजर आएंगी। बताया जाता है कि अपनी शादी के बाद, इंदिरा गांधी भी अपने पति फिरोज के साथ लखनऊ आ गईं थी। वे चारबाग रेलवे स्टेशन के पास एपी सेन रोड के एक बंगले में रहती थीं। 

1 अगस्त तक खाली करना है दिल्ली का बंग्ला 

 मोदी सरकार ने पिछले साल कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की एसपीजी सुरक्षा वापस ले ली थी तथा उन्हें जेड-प्लस श्रेणी सुरक्षा दी थी। एक अधिकारी ने बताया कि टाइप 6बी का यह आवास प्रियंका को 21 फरवरी, 1997 को आवंटित किया गया था क्योंकि उस वक्त उन्हें एसपीजी सुरक्षा मिली हुई थी। अधिकारी के मुताबिक जेड-प्लस श्रेणी की सुरक्षा में आवास सुविधा का प्रावधान नहीं होता और ऐसे में उन्हें यह बंगला खाली करना पड़ेगा। एक अधिकारी के अनुसार प्रियंका इस बंगले का 37000 रुपये मासिक किराया दे रही थीं। 

कांग्रेस ने भाजपा पर बोला हमला  

कांग्रेस कार्यकारिणी के सदस्य जितिन प्रसाद ने कहा, "मैं सरकार की इन कार्रवाइयों के समय के बारे में नहीं समझ पा रहा हूं, हालांकि प्रियंका गांधी उप्र के लोगों के लिए काम करने और उनकी लड़ाई लड़ने के मिशन पर हैं और वह इन ध्यान भटकाने वाली हरकतों की चिंता नहीं करने वाली हैं।"

कांग्रेस के एक अन्य नेता राजीव शुक्ला ने कहा कि यह गलत है और उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री आई.के. गुजराल का उद्धरण दिया, जिन्होंने कहा था कि शासक को बड़े दिल का होना चाहिए। उन्होंने कहा, "जमीन चीनियों से खाली करानी थी, लेकिन सरकार ने दिल्ली में एक घर खाली कराने को चुना है।"

कांग्रेस ने भाजपा को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की दरियादिली का दिया हवाला 

कांग्रेस के पूर्व सांसद और यूपी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राशिद अल्वी ने कहा कि जब भाजपा पूरे देश मे चुनाव हार गई थी, अटल जी भी चुनाव हार गए थे तब प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने कैबिनेट में पास कराया कि कोई राष्ट्रीय पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष है वो चुनाव जीता है या हारा है उसको कैबिनेट रैंक का मकान मिले और अटल जी को भी मिला। अमित शाह जब दिल्ली आए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे तब वो सांसद नहीं थे लेकिन राजीव गांधी के उसी कानून के तहत उन्हें दिल्ली में बंगाल मिला, लेकिन आज जो प्रियंका गांधी के साथ किया जा रहा है वो भाजपा का असली चरित्र है। 

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