चिराग को लेकर नीतीश की खामोशी के हैं कई मायने, चंद दिनों में ही बिहार की राजनीति का दिखेगा नया रंग

13 Nov, 2020 10:22 IST|Sakshi
चिराग पासवान पर बोले नीतीश

कौन होंगे बिहार के अगले मुख्यमंत्री

लोजपा को लेकर बीजेपी लेगी अंतिम फैसला

सरकार के शपथ ग्रहण की तारीख अभी तय नहीं

पटना : बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहली बार गुरुवार शाम मीडिया से मुखातिब हुए। इस दौरान उन्होंने मीडिया के कई सवालों के जवाब भी दिए। उन्होंने लोजपा के एनडीए में रहने को लेकर पूछे गए सवाल पर भी साफ शब्दों में कहा कि इसका फैसला बीजेपी करेगी। हालांकि नीतीश को करीब से जानने वालों की मानें तो नीतीश के तेवर में यह नरमी किसी बड़े आहट की तस्दीक भी हो सकती है।

गौरतलब है कि चिराग पासवान और नीतीश के बीच की तनातनी के बारे में सभी को मालूम है। हालात इतने खराब हो चुके थे कि चिराग मोदी और शाह के मनाने पर भी नहीं माने थे और चुनाव में एनडीए से अलग होकर अकेले चुनाव लड़ने के लिए उतर गए थे। लेकिन किसी भी कीमत पर उन्हें नीतीश के नेतृत्व में चुनाव लड़ना मंजूर नहीं था। हालांकि पीएम मोदी को लेकर उन्होंने हमेशा यही कहा कि वह खुशनसीब हैं कि उन्हें पीएम का आशीर्वाद प्राप्त है।

कौन होंगे बिहार के अगले मुख्यमंत्री

बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) गुरुवार शाम पहली बार जनता दल यूनाइटेड (JDU) के प्रदेश कार्यालय में मीडिया से मुखातिब हुए। इसके पहले उन्‍होंने वहां जेडीयू के नवनिर्वाचित विधायकों और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की बैठक में तय किया जाएगा कि कौन बिहार का अगला मुख्यमंत्री होगा। इसका फैसला तो एनडीए के नेताओं को करना है। हां, यह तय है कि एनडीए जनादेश (Mandate) के अनुसार सरकार बनाएगा।

लोजपा को लेकर बीजेपी लेगी अंतिम फैसला

उन्‍होंने यह भी कहा कि अभी शपथ ग्रहण की कोई तारीख तय नहीं की गई है। चुनाव में एनडीए को नुकसान पहुंचाने वाले चिराग पासवान (Chirag Paswan) की लोक जनशक्ति पार्टी ((LJP) के एनडीए में रहने के सवाल पर नीतीश कुमार ने कहा कि इस पर फैसला भारतीय जनता पार्टी (BJP) को करना है। अपनी आखिरी चुनावी रैली को लेकर देकर अपने बयान पर नीतीश ने यह साफ किया कि उन्‍होंने उसमें राजनीति से संन्‍यास की कोई बात नहीं कही थी।

आज एनडीए की बैठक में होगा आगे का फैसला

सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू किए जाने के संबंध में उन्होंने कहा कि दो दिन के अंदर प्रक्रिया आरंभ होगी। चुनाव आयोग ने भी विधायकों की सूची सौैंप दी है। सदन को विघटित किया जाना है। एनडीए विधानमंडल दल की शुक्रवार की बैठक में आपस में बातचीत होगी और फिर आगे का निर्णय होगा।

अभी तय नहीं सरकार के शपथ ग्रहण की तारीख

मुख्‍यमंत्री ने कहा कि अभी यह तय नहीं है कि उनकी नई सरकार का शपथ ग्रहण कब होगा। यह दीपावली (Diwali) के बाद हागा या छठ (Chhath) के, यह भी तय नहीं है। हम रिजल्‍ट का विश्‍लेषण कर रहे हैं। अब आगे शुक्रवार को एनडीए के सभी घटक दलों की बैठक होगी।

चुनाव प्रचार के दौरान किए जा रहे थे असंभव वादे

चुनाव प्रचार के दौरान विपक्ष, खासकर राष्‍ट्रीय जनता दल के रोजगार के वादे की ओर इशारा करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि जो चीजें नहीं हो सकतीं, उसके बारे में लोग चुनाव में बोल रहे थे। जनता मालिक है। उसने जो समझा वह किया। हम तो अपने काम के बारे में बोल रहे थे। मैंने जो काम किया है उसके बारे में लोगों को जानकारी है। मुख्यमंत्री से जब यह सवाल किया गया कि भारतीय जनता पार्टी ने भी 19 लाख रोजगार सृजन की बात कही है, उन्‍होंने कहा कि सरकार बनने के बाद एनडीए के सभी घटक दलों की बैठक में आगे का कार्यक्रम तय किया जाएगा।

काम करने पर भी कोई साथ नहीं दे तो ये उनका निर्णय

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम पर किसी का दबाव नहीं रहा है। काम करने पर भी अगर कई लोग आपका साथ नहीं दे तो यह उनका निर्णय है। सभी को अधिकार है अपनी तरह से सोचने का। कोई काम को नजरअंदाज करे तो क्या कर सकते हैं?

अपराध, भ्रष्‍टाचार व सांप्रदायिकता से समझौता नहीं

मुख्‍यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने समाज में कोई भेदभाव नहीं किया। भाईचारा व सद्भाव का माहौल तैयार किया। कानून-व्‍यवस्‍था की स्थिति ठीक रखी। कोई दंगा-फसाद भी नहीं होने दिया। उन्‍होंने कहा कि सरकार आगे भी अपराध, भ्रष्‍टाचार व सांप्रदायिकता (Crime, Corruption and Communalism) से कोई समझौता नहीं करेगी।

भाजपा को तय करना है कि लोजपा एनडीए में रहेगी या नहीं

मुख्यमंत्री से यह सवाल भी किया गया कि एलजेपी की वजह से जो नुकसान हुआ है उसके बाद क्या यह प्रयास होगा कि वह एनडीए का अंग नहीं रहे? इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बीजेपी को तय करना है।

नहीं कही थी राजनीति से संन्‍यास की बात

मुख्यमंत्री ने यह भी साफ कर दिया है कि धमदाहा की चुनावी सभा में पांच नवंबर को उन्होंने अपने संन्यास को लेकर कोई बात नहीं कही थी। हर चुनाव की आखिरी सभा में वह यह कहते रहे हैैं कि यह उनकी आखिरी चुनावी सभा है। संदर्भ चुनावी सभा का था।

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