सत्र के पहले दिन ही अविश्वास प्रस्ताव लाएगी बीजेपी, गहलोत सरकार की बढ़ी मुश्किलें

13 Aug, 2020 16:48 IST|Sakshi
वसुंधरा राजे।

राजस्थान में सीएम गहलोत की बढ़ी मुश्किलें

बीजेपी का दावा नहीं बचेगी गहलोत सरकार

जयपुर :  राजस्थान में विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। बीजेपी ने ऐलान किया है कि वो कल ही सदन में अविश्नास प्रस्ताव लाएगी। ऐसे में अशोक गहलोत सरकार के सामने बहुमत साबित करने की चुनौती है। गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी की बैठक हुई, जिसमें ये फैसला लिया गया। इस बीच बीजेपी की ओर से दावा किया गया है कि अब राज्य की गहलोत सरकार नहीं बच पाएगी।

 भाजपा  नेता गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि कांग्रेस अपने घर में टांका लगाकर कपड़े को जोड़ना चाह रही है, लेकिन कपड़ा फट चुका है। ये सरकार जल्द ही गिरने वाली है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि यह सरकार अपने विरोधाभास से गिरेगी, बीजेपी पर यह झूठा आरोप लगा रहे हैं। लेकिन इनके घर के झगड़े से बीजेपी का कोई लेना देना नहीं है

वसुंधरा राजे ने किया ट्वीट- भाजपा एक परिवार जिसे बढ़ाने के लिए सब संकल्पित

उधर  भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने बृहस्पतिवार को कहा कि कुछ लोग भाजपा में फूट की खबरें फैला रहे हैं लेकिन भाजपा एक परिवार है। यहां विधायक दल की बैठक के बाद राजे ने ट्वीट किया,'कुछ लोग भाजपा में फूट की खबरें फैला रहे हैं। उन्हें बता दूं कि भाजपा एक परिवार है, जिसको आगे बढ़ाने के लिए हम सभी एकजुट हैं, संकल्पित हैं।' 

राजे ने राजमाता विजयाराजे सिंधिया को याद करते हुए हुए एक और ट्वीट में लिखा, 'राजमाता जी ने मुझे सिखाया था कि जिस पार्टी की मैं कार्यकर्ता हूं उसके लिए राष्ट्र सर्वोपरि है और मैं उन्हीं के कदमों पर आगे बढ़ रही हूं।' उन्होंने बताया कि राजस्थान में शुक्रवार से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र से पूर्व आज भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित हुई विधायक दल की बैठक में हिस्सा लिया। इस दौरान प्रदेश के मौजूदा हालातों पर चर्चा की तथा सत्र की तैयारियों को लेकर विचार-विमर्श किया। 

बता दें कि वसुंधरा राज्य में 36 दिन चले राजनीतिक संकट के बाद पहली बार राजधानी पहुंचीं। इससे पहले दो बार भाजपा विधायक दल की बैठक बुलाई गई थी, लेकिन वसुंधरा राजे जयपुर नहीं आई थीं। इस बैठक की अगुवाई केंद्रीय नेता कर रहे हैं। वसुंधरा के साथ साथ  केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, राजस्थान प्रभारी अविनाश राय खन्ना भी इसमें मौजूद हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि बीजेपी के अंदर पनप रहे असंतोष को दूर करने के लिए विधायक दल की बैठक बुलाई गई।

किस वजह से बना रखी थी दूरी
बता दें कि गहलोत-पायलट विवाद के दौरान पूर्व सीएम वसुंधरा राजे की चुप्पी चर्चा का विषय बनी हुई थी और पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने पार्टी से दूर बना रखी थी। अब केंद्रीय नेताओं के आने पर पूर्व सीएम वसुंधरा राजे को भाजपा विधायक दल की बैठक में आना पड़ा है। बैठक में पार्टी विधानसभा सत्र में अपनी रणनीति तय कर सकती है। सतीश पूनिया ने बताया था कि विधायक दल की बैठक में प्रदेश के आमजन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जायेगी, सरकार को हर मोर्चे पर घेरने की रणनीति तैयार की जायेगी और हमारे विधायक मुखर होकर सदन में अपनी बात रखेंगे।

14 अगस्त से शुरू हो रहा है विधानसभा सत्र
बता दें कि आगामी 14 अगस्त से विधानसभा सत्र शुरू होने वाला है। इससे पहले गहलोत खेमे के विधायक बुधवार को जैसलमेर से जयपुर लौट आए हैं। उन्हें फिर से उसी होटल में ठहराया गया है जहां वे 31 जुलाई को जैसलमेर के लिए निकले थे।

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