बिहार चुनाव के बाद AIMIM बन सकती है नेशनल पार्टी, ओवैसी का बढ़ेगा कद

26 Oct, 2020 18:13 IST|विजय कुमार
फाइल फोटो: असदुद्दीन ओवैसी

ओवैसी का बढ़ेगा राष्ट्रीय स्तर पर कद 

बिहार चुनाव से AIMIM को बड़ी उम्मीदें

हैदरबाद/ पटना: बिहार चुनाव 2020 में AIMIM मुखिया असदुद्दीन ओवैसी जी तोड़ मेहनत कर रहे हैं। चुनाव में AIMIM के कुल 24 कैंडिडेट भाग्य आजमा रहे हैं। ओवैसी ने उम्मीद जाहिर की है कि कम से कम 10 सीटों पर उनकी पार्टी के उम्मीदवारों की जीत तय है। अगर ऐसा होता है तो ऑल इंडिया मजलिसे इत्तेहादुल मुस्लिमीन पार्टी राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा हासिल हो जाएगा। साथ ही नेशनल पार्टी के नाते चुनाव आयोग की नियमावली के मुताबिक उन्हें कई तरह की सुविधाए मिलने लगेंगी। असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM बिहार चुनाव में महा लोकतांत्रिक समाजवादी फ्रंट (GDSF) में शामिल रहते हुए चुनाव लड़ रही है। इस गठजोड़ में बसपा के साथ ही चार और पार्टियां शामिल हैं। 

फिलहाल क्षेत्रीय पार्टी है AIMIM

चुनाव आयोग के मानकों के हिसाब से असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM को क्षेत्रीय पार्टी का दर्जा हासिल है। बिहार चुनाव में अगर पार्टी को आशा के अनुरूप सीटें मिल जाती है तो इन्हें राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिल जाएगा। 

नेशनल पार्टी का दर्जा के लिये क्या है मानक? 

चुनाव आयोग ने राष्ट्रीय पार्टियों के लिए कुछ मानक तय कर रखे हैं। विस्तार से इसे समझने की कोशिश करते हैं। राजनीतिक पार्टियों को कुल तीन कैटेगरीज में रखा गया है। पहला नेशनल पार्टी, दूसरा राज्य स्तरीय पार्टी और तीसरा रजिस्टर्ड पार्टी। इस बारे में इलेक्शन सिम्बल्स (रिज़र्वेशन एंड अलॉटमेंट) आर्डर, 1968 के तहत नियम बनाए गए हैं। नेशनल पार्टी बनने के लिए कुछ खास शर्ते पूरी करनी जरूरी हैं। इनमें शामिल है:

1. पार्टी निबंधित होनी चाहिए और लोक सभा चुनाव में कम से कम दो राज्यों में 2% सीटें उसे प्राप्त होनी चाहिए। 
2. 4 राज्यों में विधानसभा चुनाव में 6% वोट शेयरिंग जरूरी है, इसके अलावा लोकसभा चुनाव में 4 सीटों पर जीत भी जरूरी है। 
3. कम से कम चार राज्यों में राज्य स्तर पर राजनीतिक पार्टी का दर्जा हासिल हो। 

ऊपर दिये मानकों के हिसाब से असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र में मानक सीटें प्राप्त किये हुए है। अगर बिहार में भी 6 फीसदी की वोट शेयरिंग AIMIM को हासिल हो जाती है तो ओवैसी राष्ट्रीय सियासी दल के प्रमुख कहलाएंगे। 

नेशनल पार्टी का दर्जा मिलने के क्या फायदे?

एक बार अगर किसी पार्टी को नेशनल पार्टी का दर्जा मिल गया तो अगले चुनाव में बुरा प्रदर्शन के बावजूद ये स्टेटस बरकरार रहता है। हालांकि नेशनल पार्टी या स्टेट पार्टी का दर्जा मिलने के बाद अगर लगातार दो विधानसभा या लोकसभा चुनावों में पार्टी मानकों पर खरी नहीं उतरती है तो ये दर्जा वापस लिया जा सकता है। राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिलने का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि पार्टी को चुनाव चिह्न के तौर पर एक रिज़र्व और देशव्यापी चिह्न मिल जाता है। इसके अलावा दफ्तर खोलने के लिए मान्यता प्राप्त पार्टियों को सब्सिडी पर जमीन मिलती है। साथ ही प्रचार के लिए दूरदर्शन और ऑल इंडिया रेडियो पर फ्री एयर टाइम मिलता है। इसके  अलावा चुनाव के दौरान इलेक्टोरल रोल की कॉपी मुफ्त मिलती है।

बिहार में AIMIM की क्या है स्थिति?

बिहार में संपन्न हुए किशनगंज सीट पर उपचुनाव में AIMIM ने जीत हासिल की। जिसके बाद से ही बिहार में पार्टी के लिए संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। इस बार के चुनाव में ओवैसी बिहार में खासे सक्रिय नजर आए। इसके अलावा चुनाव प्रचार में उन्होंने तेलंगाना के कई बड़े नेताओं को भी उतारा। पार्टी के बिहार अध्यक्ष अख्तर उल ईमान खुद अमोर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं हैदराबाद के मेयर माजिद हुसैन को बिहार चुनाव का पार्टी प्रभारी बनाया गया था। माजिद काफी दिनों से बिहार में घूम घूमकर पार्टी के लिए प्रचार कर रहे हैं। टिकट बंटवारे में भी असदुद्दीन ओवैसी ने सतर्कता बरती है। AIMIM ने पार्टी ने छह सीटों से दलितों, ओबीसी और आदिवासियों को भी उम्मीदवार बनाया। साथ ही संदेश दिया कि AIMIM सिर्फ अल्पसंख्यकों पर टिकी पार्टी नहीं है। 

नेशनल पार्टी बनने की AIMIM की संभावनाएं?

असदुद्दीन ओवैसी की राष्ट्रीय पार्टी के मुखिया बनने की महत्वाकांक्षा है। तेलंगाना में ओवैसी की पार्टी के 20 विधायक हैं और सत्ता में उनकी साझेदारी भी है। वहीं सीमांध्र में 15 विधायक हैं। ओवैसी की खुद की हैदराबाद सीट मिला लें तो तेलुगू राज्यों में MIM के सात सांसद हैं। महाराष्ट्र में भी पार्टी की अच्छी साख है और यहां से दो विधायक और एक सांसद हैं। कर्नाटक के चुनावों में भी ओवैसी ने एंट्री मारी है हालांकि वहां बहुत कुछ उन्हें हासिल नहीं हो सका। बिहार के मौजूदा चुनाव में अगर ओवैसी ठीक ठाक सीटें ले आते हैं तो उनकी पार्टी को राष्ट्रीय का दर्जा मिल जाएगा। इसके लिए खुद असदुद्दीन ओवैसी भी एड़ी चोटी का जोर लगाए हुए हैं। 
 

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