MP में उपचुनाव हारने वाले 3 मंत्रियों ने दिया इस्तीफा, शिवराज के मंत्रीमंडल में कौन होंगे नये चेहरे

25 Nov, 2020 15:35 IST|अंशुल चौहान
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

इमरती देवी और गिरराज दंडोतिया ने दिया इस्तीफा

ज्योतिरादित्य सिंधिया की करीबी मानी जाती हैं इमरती देवी

नए मंत्रियों के नामों को लेकर लग रहे कयास 

भोपाल : मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में हुए विधानसभा के उपचुनाव (Bye Election) में मिली हार के बाद शिवराज सरकार के तीन मंत्रियों ने इस्तीफे (Resign) दे दिए हैं। राज्य में 28 विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव हुए थे जिनमें से भाजपा ने 19 स्थानों पर जीत दर्ज की थी मगर तीन मंत्री एदल सिंह कंसाना (Aidal Singh Kansana), इमरती देवी (Imarti Devi) और गिरराज दंडोतिया (Girraj Dandotiya) चुनाव हार गए थे। चुनाव नतीजे आने के बाद एदल सिंह कंसाना ने इस्तीफा दे दिया था, मगर गिरराज दंडोतिया और इमरती देवी के इस्तीफा में हुई देरी पर कांग्रेस हमलावर थी। 

एदल सिंह के इस्तीफे के बाद पहले गिरराज दंडोतिया ने इस्तीफा दिया और बाद में इमरती देवी ने भी इस्तीफा दे दिया है। इमरती देवी ने कहा है कि वह अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भेज चुकी हैं, जहां तक मंजूर करने की बात है तो यह मुख्यमंत्री को ही करना है। ग्वालियर के डबरा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव हारने के बाद मंत्री पद से इस्तीफा न देने पर इमरती देवी पर सबसे ज्यादा कांग्रेस की ओर से हमले बोले जा रहे थे, ऐसा इसलिए क्योंकि इमरती देवी की गिनती पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबियों में होती है।

कांग्रेस ने साधा निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ के मीडिया सलाहकार नरेंद्र सलूजा ने तो यहां तक कह दिया था कि उपचुनाव हार चुकी मंत्री इमरती देवी ने अभी तक इस्तीफा क्यों नहीं दिया ? उनके आका का इशारा नहीं होगा ? ऐसी जानकारी भी मिली है कि उनके विभाग में अभी कुछ बड़े टेंडर होना बाकी है, इसलिये अभी इस्तीफा नहीं ? सीएम अपने अधिकारों का उपयोग कर विभागीय निर्णयों पर रोक लगाएं व उन्हें पद से हटाएं।

गौरतलब है कि तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत को 6 महीने का समय पूरा होने के चलते मंत्री पद छोड़ना पड़ा था, लेकिन उपचुनाव जीतने के बाद अब इन दोनों विधायकों को फिर से मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। इसके साथ ही विंध्य अंचल की रीवा विधानसभा सीट से पांचवीं बार चुनाव जीते सीनियर विधायक राजेंद्र शुक्ला शिवराज सरकार के पिछले कार्यकाल में मंत्री रह चुके हैं। वह भी शिवराज सरकार में मंत्री पद के दावेदार हो सकते हैं। 

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वहीं शिवराज के करीबी माने जाने वाले और रायसेन जिले की सिलवानी विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक रामपाल सिंह पिछली बार भाजपा सरकार में मंत्री थे, उनको भी मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। इसके साथ ही कटनी जिले की विजयराघवगढ़ विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक संजय पाठक भी मंत्री पद का एक चेहरा हो सकते हैं, क्योंकि एमपी में कमलनाथ सरकार के तख्तापलट में संजय पाठक का अहम रोल था। इसके अलावा गौरीशंकर बिसेन, अजय विश्नोई नागेंद्र सिंह, रमेश मेंदोला, गिरीश गौतम, पारस जैन, प्रदीप लारिया भी मंत्री बनाए जाने की रेस में शामिल हैं।

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