कोरोना से बचाएंगे बांस से बने कुकीज, खाएं और इम्यूनिटी बढ़ाएं, डायबिटीज-कैंसर मरीजों के लिए भी बेस्ट

23 Sep, 2020 01:54 IST|सुषमाश्री
इम्यूनिटी बूस्टर बैम्बू ​कुकीज

त्रिपुरा में पहली बार बैंबू कुकीज लॉन्च

कुकीज में कैलोरी की मात्रा कम

बांस से बनी शहद की बॉटल

देश के हर राज्य में कई ऐसी साग सब्जियों की खेती ओर उपज होती है, जिसे अन्य राज्यों और देशों से बडे पैमाने पर आयात किया जाता है। स्वास्थ्य को लेकर सजग आज की जनता कोरोना काल में तो और भी ज्यादा सतर्क हो गई है। ऐसे में कैंसर और डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों से बचाने और इम्यूनिटी पावर बढ़ाने में मददगार बैंबू कुकीज कोरोना के खतरे को कम करने में अहम भूमिका निभाएगी।

त्रिपुरा में पहली बार बैंबू कुकीज लॉन्च

त्रिपुरा में पहली बार बैंबू कुकीज लॉन्च किया गया है। ये कुकीज बांस के पेड़ की शाखाओं को दरदरा करके और प्रोसेसिंग के बाद बनाई जाती हैं। इससे पहले बांस से बनी कुकीज की मांग पूर्वोत्तर भारत समेत नेपाल, थाईलैंड, म्यांमार, बंग्लादेश, जापान, चीन और ताइवान जैसे कई देशों में भी रही है।

कुकीज में कैलोरी की मात्रा कम

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लव कुमार देब ने 18 सितंबर को ये कुकीज लॉन्च कीं। उन्होंने यह भी कहा कि ''बांस से बनी कुकीज में कैलोरी की मात्रा कम होती है। साथ ही, यह डायबिटीज और कैंसर जैसी बीमारियों से बचाने में भी मदद करती हैं।''

वोकल फोर लोकल और आत्मनिर्भर भारत

कोरोना काल में त्रिपुरा सरकार द्वारा लॉन्च किए गए इन बैम्बू कुकीज और बैम्बू बॉटल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और वोकल फोर लोकल जैसे अभियान के साथ भी जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि इससे त्रिपुरा के लोगों को न केवल रोजगार मिलेगा, बल्कि लोगों को कई बीमारियों से लड़ने में भी मदद मिलेगी।

बांस की शाखाओं में आटा और बटर मिला करते हैं तैयार

इन कुकीज को बनाने के लिए बांस की शाखाओं में आटा और बटर मिलाया जाता है। बांस की शाखाओं में प्रोटीन, विटामिंस, फॉस्फोरस, कॉपर, जिंक, मैग्नीशियम और कैल्शियम की अधिक मात्रा होती है। इसमें एंटीबायोटिक, एंटीवायरस और एंटी कैंसर गुण भी होते हैं। यह इम्युनिटी बढ़ाने में भी मदद करती हैं।

रैपिंग पारंपरिक हाथ से बने रैपर में

बता दें कि बिस्किट बनाने के लिए बांस की जिस वैरायटी का इस्तेमाल किया जाता है, उसे 'मूली' और 'तेराई' बैंबू करते हैं, जो त्रिपुरा में आसानी से मिल जाते हैं। इन कुकीज के प्रति लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए इसकी रैपिंग पारंपरिक हाथ से बने रैपर में होती है, जिसे 'रिसा' कहा जाता है।

बांस से बनी शहद की बॉटल

इन कुकीज के अलावा मुख्यमंत्री बिप्लव देव ने बांस से बनी शहद की बॉटल से भी लोगों को अवगत कराया। बैंबू कुकीज और बांस से बनी शहद की बॉटल को वे त्रिपुरा की कारीगरी का अद्भुत नमूना मानते हैं। इससे कई कारीगरों को रोजगार भी मिला है।

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