कोरोना के टीके को लेकर ज्यादा खुश होने की जरूरत नहीं, 100 प्रतिशत नहीं होगी किसी की गारंटी : WHO

23 Sep, 2020 08:57 IST|Sakshi
फोटो : सौ. सोशल मीडिया

वाशिंगटन : भारत सहित पूरी दुनिया कोरोना वायरस महामारी से जुझ रही है। और इसके वैक्सीन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसी बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चौंकाने वाली बात कही है। कोरोना वैक्सीन अगर बन भी जाएं तो भी इनकी कोई गारंटी नहीं है।  ये टीके काम करेंगे या नहीं अभी कहा नहीं जा सकता है। यह बात विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के प्रमुख टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने मंगलवार को कही है। 

 टेड्रोस ने कहा कि स्वास्थ्य संगठन के पास इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि कोरोनो वायरस महामारी  के लिए विकसित किए जा रहे टीकों में से कोई काम करेगा या नहीं। यह बातें उन्होंने एक वर्चुअल प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहीं। 

उन्होंने कहा कि इस बात की भी कोई गारंटी नहीं है कि विकास के चरण से गुजरने के दौरान भी कोई टीका काम करेगा। हालांकि उन्होंने कहा कि जितना ज्यादा से ज्यादा स्वयंसेवकों पर टीकों का परीक्षण किया जाएगा, एक बेहतर और प्रभावी टीके के विकास में यह उतना ही अच्छा मौका होगा।

उन्होंने कहा कि इस महामारी से निपटने के लिए स्वयंसेवकों के माध्यम से लगभग 200 वैक्सीन विकसित किए जा रहे हैं। टेड्रोस ने कहा कि कोविड-19 के लिए यह वैक्सीन वर्तमान में नैदानिक और प्रीक्लिनिकल परीक्षण के चरण में हैं। इतिहास बताता है कि विकास के चरण में इनमें से कुछ असफल होंगे और कुछ सफल होंगे। 

कोवाक्स सुविधा महामारी को नियंत्रण में लाने, जीवन बचाने और आर्थिक सुधार को आगे बढ़ाने में मदद और सुनिश्चित करेगी। डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने सभी देशों से कोरोना वायरस के वैक्सीन की खोज में एक साथ मिलकर काम करने का आग्रह भी किया। उन्होंने कहा कि मिलकर साथ काम करना सभी के और स्वयं वैक्सीन खोजने वाले देश के हित में है।

उन्होंने कहा कि यह कोवाक्स सुविधा सरकारों को वैक्सीन के विकास में सक्षम बनाती है और यह सुनिश्चित करती है कि उनकी नागरिकों तक प्रभावी टीका जल्द पहुंच सके। कोवाक्स सुविधा एक ऐसा तंत्र है जो वैश्विक स्तर पर समन्वित भूमिका निभाने में प्रभावी होगा। 

Load Comments
Hide Comments
More News
आंध्र-प्रदेश
मुख्य समाचार
.