शर्मनाक: घूसखोरी और भ्रष्टाचार में अव्वल हैं हम भारतीय, सर्वे रिपोर्ट में हुआ खुलासा

26 Nov, 2020 14:08 IST|सुषमाश्री
एशिया का सबसे भ्रष्ट देश भारत

रिश्वत देने में भारत एशिया में सबसे आगे

पुलिस लेती है सबसे ज्यादा घूस

वोट के लिए नोट एक बड़ी समस्‍या

नई दिल्ली: देश में भ्रष्टाचार (Corruption) किस कदर घर कर गया है, यह हम सभी जानते हैं। हमारे देश में शायद ही कोई ऐसा होगा, जिसने कभी घूसखोरी (Bribery) न की हो या फिर जिसका सामना घूसखोरी से कभी न हुआ हो। शायद यही वजह रही कि ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल (Transparency International) ने भ्रष्टाचार को लेकर एक सर्वे (Survey) किया।

सर्वे के नतीजे बिल्कुल भी चौंकाने वाले नहीं हैं पर हमारे लिए शर्मनाक अवश्य हैं। दुनियाभर में भ्रष्टाचार के मामलों में हमारा देश भारत सर्वोच्च स्थान पर है। यह वाकई हमारे लिए शर्मनाक है। यह हमें इस बात का भी एहसास कराता है कि अपने पहले ही टर्म में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को नोटबंदी (Demonetisation) जैसा कठोर कदम उठाने को मजबूर क्यों होना पड़ा होगा!

रिश्वत देने में भारत एशिया में सबसे आगे

गौरतलब है कि सरकारी दफ्तरों (Govt. Offices) में काम करवाने के लिए रिश्वत (Bribery) देने में भारत के लोग एशिया (Asia) में सबसे आगे हैं। यहां लोगों को किसी न किसी रूप में घूस देनी ही पड़ती है। यह जानकारी भ्रष्टाचार पर काम करने वाले ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल की बुधवार को जारी रिपोर्ट में सामने आई है।

इसके मुताबिक, एशिया प्रशांत क्षेत्र में रिश्वत के मामले में भारत शीर्ष पर है, जबकि जापान सबसे कम भ्रष्ट है। इस रिपोर्ट के मुताबिक एशिया के अन्य देशों में कंबोडिया दूसरे और इंडोनेशिया तीसरे नंबर पर है। इस रिपोर्ट के मुताबिक एशिया में हर पांच में से एक ने रिश्‍वत दी है। हालांकि, सर्वे में शामिल 62 फीसदी लोग मानते हैं कि भविष्‍य में हालात सुधरेंगे।

39 फीसदी भारतीयों ने माना काम करवाने के लिए दी रिश्वत

ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 39 फीसदी भारतीय मानते हैं कि उन्‍होंने अपना काम करवाने के लिए रिश्‍वत का सहारा लिया। कंबोडिया में ये दर 37 फीसदी और इंडोनेशिया में ये 30 फीसदी है। बता दें कि वर्ष 2019 में भ्रष्‍टाचार के मामले में भारत दुनिया के 198 देशों में 80वीं पायदान पर था। इस संस्‍था ने उसे 100 में से 41 नंबर दिए थे। वहीं, चीन 80वें, म्‍यांमार 130वें, पाकिस्‍तान 120वें, नेपाल 113वें, भूटान 25वें, बांग्‍लादेश 146वें और श्रीलंका 93वें नंबर पर रहा।

पुलिस लेती है सबसे ज्यादा घूस

रिपोर्ट के मुताबिक, देश के ज्‍यादातर लोगों का मानना है कि पुलिस और स्‍थानीय अफसर रिश्‍वत लेने के मामले में सबसे आगे हैं। देश में ऐसे अधिकारियों की संख्या लगभग 46 फीसदी है। इसके बाद देश के सांसद आते हैं जिनके बारे में 42 फीसदी लोगों ने ऐसी राय रखी है। वहीं, 41 प्रतिशत लोग मानते हैं कि रिश्‍वतखोरी के मामले में सरकारी कर्मचारी और कोर्ट में बैठे 20 फीसदी जज भ्रष्‍ट हैं।

ये हैं सबसे ईमानदार देश, यहां नहीं चलता घूस

एशिया के सबसे ईमानदार देशों की बात करें तो इसमें मालदीव और जापान संयुक्‍त रूप से पहले नंबर पर हैं। यहां महज 2 फीसदी लोगों ने ही माना कि उन्‍हें कभी किसी काम के लिए रिश्‍वत देनी पड़ी। इसके बाद दक्षिण कोरिया का नंबर आता है, जहां करीब 10 फीसदी लोगों का मानना है कि उन्‍हें काम निकलवाने के लिए घूस देनी पड़ी है। वहीं, हांगकांग और ऑस्ट्रेलिया में घूसखोरी के मामले कम हैं। बता दें कि पाकिस्तान में सिर्फ 40% लोगों ने रिश्वत देने की बात मानी है।

वोट के लिए नोट एक बड़ी समस्‍या

देश में व्‍याप्‍त भ्रष्‍टाचार को अलग-अलग कैटेगिरी में रखा गया है। जैसे 89 फीसदी भारतीय सरकारी भ्रष्‍टाचार सबसे बड़ी समस्‍या बना हुआ है। इसके बाद 39 फीसदी रिश्‍वतखोरी को बड़ी समस्‍या मानते हैं, जबकि 46 फीसदी किसी भी चीज के लिए सिफारिश किए जाने को समस्‍या मानते हैं। वहीं, 18 फीसदी भारतीय ऐसे भी हैं जो मानते हैं कि वोट के लिए नोट एक बड़ी समस्‍या है। 11 फीसदी ने माना कि काम निकलवाने के लिए होने वाला शारीरिक शोषण एक बड़ी समस्‍या है।

कितने प्रतिशत भारतीय भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए हैं तैयार

63% भारतीयों ने माना कि सामान्य व्यक्ति भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण अंतर ला सकता है। 55% भारतीयों ने कहा कि वे भ्रष्टाचार का सबूत देने के लिए दिन भर कोर्ट में खड़े रह सकते हैं।

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