कोरोना के हैं कई रूप और लक्षण, ताजा अध्ययन में हुआ खुलासा

19 Jul, 2020 09:34 IST|Sakshi

लंदन : कोरोना वायरस के लक्षण आए दिन नए सामने आने लगे हैं।  शुरू में इस महामारी के लक्षणों में खांसी, बुखार, सांस लेने में तकलीप जैसी समस्याएं बताई गईं। बाद में स्वाद, गंध का पता न लगना, मांस पेशियों में दर्द, दस्त जैसे लक्षण सामने आए। ब्रिटेन के किंग्स कलेज लंदन के वैज्ञानिकों के ताजा अध्ययन में कोरोना के कुल 6 प्रकार के लक्षण होने का पता चला है। अब कोरोना मरीजों में भूख न लगना, पेट में दर्ज जैसे  कई लक्षण देखे गए हैं।

गत मार्च और अप्रैल के महीने में सैकड़ों कोविड रोगियों के लक्षणों को विशेष रूप से तैयार एप के जरिए जानने के बाद इस अध्ययन के रिजल्ट्स मेडरिग्जिन पत्रिका ने प्रकाशित किया है।वरिष्ठ वैज्ञानिक व लेखक  क्लेयर स्टीव्स ने कोविड रोगियों के इलाज में जुटे डॉक्टरों के लिए ये स्टडी रिपोर्ट मार्गदर्शक साबित होने का दावा किया है। उन्होंने कहा है कि अधिकांश लोगों में कौन से लक्षण मिल रहे हैं ? वायरस के नियंत्रण के लिए क्या करना चाहिए? किसे अस्पताल की जरूरत होगी ? आदि विषयों पर इस अध्ययन के जरिए जानकारी मिलेगी।

* पहले प्रकार के लक्षण में फ्लू से जुड़े सभी लक्षण होते हैं, लेकिन बुखार नहीं आता। गंध का पता न लगना, मांस पेशियों में दर्द, खांसी, गले में जलन, सीने में दर्द आदि शिकायतें होती हैं।

* दूसरे प्रकार के लक्षणों में बुखार के साथ फ्लू दिखाई देते हैं। सिर में दर्द, स्मेल का पता न लगना, खांसी, गला सूखना और बुखार होता है।

* तीसरे में पाचन प्रक्रिया से जुड़ी समस्याएं होती हैं। भूख न लगना, दस्त जैसे लक्षण होते हैं। हालांकि ऐसे लक्षण वालों में खांसी और गले में दर्द नहीं होता।
* चौथे प्रकार के लक्षण में थोड़ा सीरियस  होता है। बुकार, खांसी, गले में दर्द, सिर दर्द, स्वाद और गंध का पता न लगना, सांस लेने में तकलीफ होती है।

* पांचवे प्रकार के लक्षण और भी गंभीर होते हैं। सिरदर्द, गंध का पता न लगना, खांसी, बुखार, मांस पेशियों में दर्द, थकान, भूख न लगना, स्थिर नहीं रहने जैसे होते हैं।.

* छठे किस्म के लक्षण सबसे अधिक परेशान करते हैं। पहले पांच प्रकार में रहने वाले सभी लक्षणों के साथ पेट में दर्द भी होता है।


अध्ययन में और क्या है...

कोरोना रोगियों में पहले तरह के लक्षण 1.5 फीसदी लोगों में, दूसरे 4.4 फीसदी लोगों में दिखाई देते हैं। तीसरे तरह के लक्षण वाले रोगियों को ऑक्सिजन सपोर्ट की जरूरत होती है। उसके बाद चौथे, पांचवें और छठे प्रकार के लक्षण 8.6 फीसदी, 9.9 फीसदी और 19.8 फीसदी लोगों में दिखाई देते हैं।

*  छठे प्रकार के लक्षण वालों में 50 फीसदी से ज्याद लोगों को अस्पताल की जरूरत पड़ती है।
* शुगर पेशेंट्स, बूढ़े और अधिक भार वाले रोगियों को अस्पतालों में करना अनिवार्य होता है।

* लगातार अगर पांचवे दिन तक कोरोना के लक्षण नियंत्रण में नहीं आते हैं तो होम क्वारंटाइन में या फिर डॉक्टरों की निगरानी जरूरी है। शुगर लेवल और ऑक्सिजन लेवल निरंतर चेक करते रहना चाहिए।

* पहले प्रकार के लक्षण रहने वालों में 16 फीसदी लोग कोरोना संक्रमित होकर उससे निजात होने की बात का पता नहीं लगा पा रहे हैं।
 

Load Comments
Hide Comments
More News
आंध्र-प्रदेश
मुख्य समाचार
.