पूर्व मॉडल ने डोनाल्ड ट्रंप पर लगाया 'बलात्कार' का आरोप, राष्ट्रपति ने नकारा

18 Sep, 2020 18:00 IST|Sakshi
डोनाल्ड ट्रंप और एमी डॉरिस

पूर्व मॉडल ने ट्रंप पर यौन उत्पीड़न का लगाया आरोप

ट्रंप के वकीलों ने कहा सियासी कुचक्र के तहत आरोप

वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ऊपर चुनाव से पहले घिनौने आरोप लगे हैं। एक पूर्व मॉडल ने जिस तरह से मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति पर आरोप लगाया है, वो भारतीय कानून के नजरिए से बलात्कार है और सामाजिक तौर पर इसे पाप भी माना जाता है। खैर बात अमेरिका की है,यहां पूर्व मॉडल एमी डोरिस ने एक अखबार में दिए गए इंटरव्यू में डोनाल्ड ट्रंप पर संगीन आरोप लगाए हैं। बलात्कार या फिर यौन शोषण की घटना को साबित करने के लिए एमी ने कुछ तस्वीरें भी साझा की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वकील ने पूर्व मॉडल के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। 

मॉडल ने सुनाई ट्रंप की जोर जबरदस्ती की कहानी 

पूर्व मॉडल एमी डोरिस ने अखबार को दिये इंटरव्यू में सनसनीखेज खुलासे किये। जिसके मुताबिक ट्रंप ने उनके साथ न्यूयॉर्क में यूएस ओपन के दौरान अपने वीआईपी बॉक्स में बुरा बर्ताव किया। एमी ने आपबीती सुनाई, जिसमें उन्होंने विस्तार से बताया कि ट्रंप ने किस तरह उनका यौन शोषण किया। एमी का बताया कि जब वो वीआईपी बॉक्स में गई तो वहां मौजूद ट्रंप ने उन्हें पकड़ लिया और अपनी बाहों से सख्ती से दबोच लिया। वो अपने को छुड़ाने की कोशिश करती रहीं, व ट्रंप को पीछे धकेलती रही। एमी अपने प्रयास में नाकामयाब रही और ट्रंप ने उनके साथ यौन बदसलूकी की। 

ट्रंप पर दर्जनभर दुराचार के मामले

ट्रंप के खिलाफ यौन दुराचार का ये कोई अकेला मामला नहीं है। इससे पहले भी उनके खिलाफ करीब एक दर्जन महिलायों ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। इन महिलाओं में अमेरिकी स्तंभकार ई जीन कैरोल जैसी प्रतिष्ठित महिला भी शामिल हैं। 

डोरिस 24 साल की थी जब ट्रंप ने की थी बदसलूकी

डोरिस उस वक्त 24 साल की थीं, जबकि डोनाल्ड ट्रंप उस 51 साल के थे। जब उनके खिलाफ यौन दुराचार की घटना को अंजाम दिया गया। डोरिस के साथ संबंध बनाने से पहले ट्रंप दो दो शादियां तक कर चुके थे। डोरिस को लोगों और सोशल मीडिया पर सहानुभूति मिल रही है। 

डोरिस का सियासी स्यापा तो नहीं?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वकीलों का कहना है कि पूर्व मॉडल का ये सियासी ड्रामा है। अभी 3 नवंबर को ही अमेरिका में चुनाव होने वाले हैं। डोरिस वास्तव में मौके का फायदा उठा रही है। ट्रंप के वकीलों ने साफ कहा कि डोरिस के पास ऐसे कोई साक्ष्य नहीं हैं। वकीलों के मुताबिक डोरिस ने अखबार को जो घटनाक्रम बताया उस पर भरोसा नहीं किया जा सकता है। साथ ही वकील का कहना है कि अगर ऐसा कुछ हुआ है तो इस घटना के गवाह होने चाहिए थे। डोरिस की बातें इसलिए भी संदिग्ध कही जा रही है क्योंकि उन्होंने सच्चाई सामने लाने में दशकों लगा दिये। 

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