सूर्य के राशि परिवर्तन से इन राशियों का खुल जाएगा भाग्य, जानें बारह राशियों पर असर

17 Oct, 2020 13:27 IST|मीता
सोशल मीडिया के सौजन्य से

सूर्य ने किया कन्या से तुला राशि में प्रवेश

इन राशियों का शुभ समय शुरू 

इस राशि के लोग रहें संभलकर 

नवरात्रि शुरू हुई है 17 अक्टूबर शनिवार से और इसी दिन नवग्रहों के राजा सूर्य ने तुला राशि में प्रवेश किया है। जी हां, तुला संक्रांति और नवरात्रि एक साथ होने से विशेष योग भी बन गया है। 

सूर्य ने 17 अक्टूबर को प्रात: 7.05 बजे सूर्य तुला राशि में प्रवेश किया है और 16 नवंबर तक ये इसी राशि में रहेगा। तुला राशि में सूर्य नीच का होता है। वैसे तो एक सौर वर्ष में सूर्य की 12 संक्रांति आती है लेकिन इनमें से मेष, कर्क, तुला और मकर संक्रांति प्रमुख होती है। सूर्य की मकर संक्रांति से उत्तरायण और कर्क संक्रांति से दक्षिणायन प्रारंभ होता है। इसी के बीच तुला संक्रांति आती है।

जन्मकुंडली में सूर्य सिंह राशि का स्वामी, आत्म का कारक ग्रह है। सूर्य लग्न में मजबूत होता है और पंचम भाव का कारक होता है। यह पूर्व दिशा का स्वामी। अग्नि तत्व और लाल रंग का प्रतिनिधित्व करता है। उच्च सरकारी सेवा, मान सम्मान का कारक ग्रह है। जिस व्यक्ति की कुंडली में सूर्य मजबूत होता है उसमें नेतृत्व करने की अद्भुत क्षमता होती है। मैनेजमेंट के क्षेत्रों में ऐसा व्यक्ति दक्षता हासिल करता है। ऐसा व्यक्ति यदि राजनीति में प्रयास करे तो इसे बड़ी सफलता मिल सकती है। वहीं सूर्य के अशुभ प्रभाव से मान-सम्मान और आत्म सम्मान में कमी, पिता से जुड़ी समस्याएं और नेत्र रोग होने की आशंका रहती है। मलमास समाप्ति के बाद यह पहला ग्रह है जो राशि बदलेगा। सूर्य के राशि परिवर्तन का सभी राशियों पर शुभ-अशुभ प्रभाव पड़ेगा।

 

आइये यहां जानते हैं सूर्य के राशि परिवर्तन का किस राशि पर क्या असर पड़ेगा ....

मेष - सूर्य आपकी राशि से सप्तम भाव में रहेंगे। इस भाव को विवाह भाव भी कहते हैं। इसके चलते मेष राशि के जातक को इस गोचर के दौरान वैवाहिक जीवन में कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। साथ व्यापार या जॉब में भी कुछ परेशानियां आपको घेर सकती हैं। गुस्से के कारण आप किसी का अहित, अनिष्ट कर सकते हैं। इसलिए विवादों से बचने का प्रयास करें। पैसों का खर्च अधिक होगा। 

उपाय- किसी जानकार से सलाह लेकर अपने दाहिने हाथ की अनामिका अंगुली में तांबे या सोने की अंगूठी में रूबी रत्न धारण करें। 

वृषभ- सूर्य आपकी राशि से छठे भाव में रहेंगे। इस भाव को शत्रु व रोग भाव भी कहते हैं। ऐसे में इस राशि के लोगों को कारोबार या पार्टनरशिप में बहुत फायदा हो सकता है। परिवार में समय अच्‍छा बीतेगा। शत्रु आपसे परास्‍त होंगे। आपका साहस बढ़ेगा। नौकरी में नए दायित्‍व मिल सकते हैं। आय के नए रास्‍ते खुल सकते हैं। प्रॉपर्टी संबंधी कार्यों से लाभ। नया वाहन खरीद सकते हैं। पारिवारिक दांपत्य जीवन में सुकून मिलेगा।

उपाय- प्रतिदिन सूर्योदय के समय सूर्य नमस्कार करें।

मिथुन- सूर्य आपकी राशि से पांचवे भाव में रहेंगे। इस भाव को पुत्र व बुद्धि भाव भी कहते हैं। सूर्य का यह राशि परिवर्तन मिथुन राशि के लोगों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है। इसी गोचर काल में आपके परिवार में चली आ रही समस्‍याओं का भी समाधान होगा। आपके जीवन में लंबे समय से चले आ रहे रोग से तो आपको निजात मिलेगी ही, साथ ही सांपत्तिक मामलों में भी आपके पक्ष में निर्णय आने के योग हैं। यह समय आपके लिए आर्थिक रूप से मजबूती प्रदान करने वाला रहेगा।

उपाय- रविवार के दिन तांबे का दान करें।

कर्क- सूर्य आपकी राशि से चौथे भाव में रहेंगे। इस भाव को सुख व माता का भाव भी कहते हैं। कर्क राशि के जातक सूर्य गोचर की पूरी आवधि के दौरान मानसिक रूप से परेशान रह सकते हैं। जो लोग अपनी नौकरी बदलने की कोशिश में लगे हैं उनके लिए यह समय लाभकारी सिद्ध हो सकता है।धन की प्राप्ति होने के योग अच्छे हैं, लेकिन पैसा फंसने का योग नजर आ रहे हैं। इसलिए प्रॉपर्टी, शेयर या बिजनेस में निवेश करने जा रहे हैं तो सावधान रहें।पारिवारिक रिश्तों में मजबूती आएगी। बुजुर्गों का ध्यान रखें। 

उपाय- हर रोज राम रक्षा स्तोत्र का पाठ करें।

सिंह- सूर्य आपकी राशि से तीसरे भाव में रहेंगे। इस भाव को पराक्रम व छोटे भाई बहनों का भाव भी कहते हैं। सूर्य का राशि परिवर्तन सिंह राशि के लिए शुभ है। रुका हुआ धन मिलेगा। कार्यक्षेत्र में आपका वर्चस्‍व एवं सम्‍मान बढ़ सकता है। यदि आपका प्रापर्टी से जुड़ा कोई प्रकरण चल रहा है तो उसमें आपको सफलता मिलेगी। आर्थिक उन्‍नति के भी योग हैं। प्रेम संबंधों में सतर्कता रखना होगी। 

उपाय- किसी जानकार से सलाह लेकर सोने या तांबे में जड़ित स्टार रूबी रत्न (5-6 कैरेट) पहनें। 

कन्‍या- सूर्य आपकी राशि से दूसरे भाव में रहेंगे। इस भाव को धन भाव भी कहते हैं। कन्‍या राशि के लोगों को धन लाभ होता दिख रहा है। इस अवधि में आपके अधूरे कार्य पूरे होंगे। कार्यालय में अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। परिवार में सब ठीक रहेगा। पर्यटन की योजना बन सकती है।वाहन सुख प्राप्त होगा। जमीन-जायदाद से जुड़े फैसले आपके पक्ष में आएंगे। आप स्वयं का मकान या जमीन खरीदेंगे। 

उपाय- सूर्य की उपासना करते हुए आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।

तुला -सूर्य आपकी ही राशि यानि लग्न रहेंगे। इस भाव को स्वयं भाव भी कहते हैं। सूर्य के आपकी राशि में गोचर करने की वजह से आपको कुछ मानसिक तनाव और शत्रु भय का सामना करना पड़ सकता है। आपको अपने धन का व्यय पूरी समझदारी के साथ करने की सलाह दी जाती है। आपको विवाहित जीवन में भी कुछ परेशानियां देखने को मिल सकती है।अपना पैसा और परिवार में रिश्ते संभालकर रखें। 

उपाय- प्रतिदिन 108 बार गायत्री मंत्र का जाप करें।

वृश्चिक -सूर्य आपकी राशि से 12वें भाव में रहेंगे। इस भाव को व्यय भाव भी कहते हैं। वृश्चिक राशि के जातक इस दौरान अपने खर्चों से परेशान रह सकते हैं, जिसके परिणामस्वरूप आपका आर्थिक पक्ष काफी हद तक कमजोर होने लगेगा। साथ ही धन हानि की भी प्रबल संभावना नजर आ रही है। आप नौकरी कर रहे हैं या बिजनेस आपका मन नहीं लगेगा और संभव है किआप वो काम ही छोड़ दें।पैसों का निवेश करने से बचें तो बेहतर रहेगा। 

उपाय- सूर्य देव की उपासना में सूर्य अष्टकम का पाठ करें।

धनु -सूर्य आपकी राशि से 11वें भाव में रहेंगे। इस भाव को आय भाव भी कहते हैं। गोचर काल में आपकी स्थिति सुधरेगी। धन की प्राप्ति होगी। दोस्‍तों के साथ समय व्‍यतीत कर सकेंगे। लंबे समय से चली आ रही समस्‍याओं का अंत होगा। पैसों के लेनदेन के मामलों में फंस सकते हैं। क्रोध भी अधिक आएगा। रिश्तेदारों, परिजनों से मतभेद उभरेंगे। आपके निर्णय गलत हो सकते हैं। भाग्य का साथ नहीं मिलने से अनेक काम अटक सकते हैं। 

उपाय- रविवार के दिन गाय को गुड़ खिलाएं।

मकर -सूर्य आपकी राशि से दसवें भाव में रहेंगे। इस भाव को कर्म व पिता का भाव भी कहते हैं। मकर राशि के जातकों के लिए सूर्य का राशि परिवर्तन मंगलकारी परिणाम देगा। इस अवधि में आपके भीतर नई ऊर्जा पनपेगी। आय के स्‍त्रोत खुलेंगे। जमीन एवं वाहन खरीदने का यह शुभ समय है। मित्रों से सहायता प्राप्‍त होगी। कार्यक्षेत्र में तनाव रहेगा। आपको महत्व नहीं मिलने से क्रोध आएगा। आलस्य भी हावी रहेगा। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। इस माह आपके धैर्य और संयम की परीक्षा होगी। 

उपाय- घर की उत्तर-पूर्व दिशा में सूर्य देव की तस्वीर लगाएं और हर रोज उन्हें धूप—दीप दिखाएं।

कुंभ -सूर्य आपकी राशि से नवें भाव में रहेंगे। इस भाव को भाग्य भाव भी कहते हैं। सूर्य के तुला राशि में रहते हुए आपको यात्रा ना करने की हिदायत दी जाती है, खासकर अगर यह यात्रा जॉब या बिजनेस से संबंधित है तो इसे पूरी तरह टालने का ही प्रयास करें। ऑफिस में आपके सीनियर्स आपसे नाराज रह सकते हैं, अपनी गतिविधियों पर नियंत्रण रखें। लंबे समय से जो काम अटके हुए थे, उनमें एकाएक गति आएगी। आकस्मिक रूप से धन का आगमन होगा। घर-परिवार में सुख समृद्धि आएगी। 

उपाय- भगवान सूर्य की सोने की परत वाले पैंडेंट के साथ सोने की चेन पहनें।

मीन -सूर्य आपकी राशि से आठवें भाव में रहेंगे। इस भाव को आयु भाव भी कहते हैं। सूर्य के तुला राशि में गोचर होने से आपको संभलकर रहने की सलाह दी जारी है, अगर आप लोन या उधार लेने का मूड बना रहे हैं, तो या तो उसे 17 अक्टूबर से पहले लें या बाद में। भविष्य के लिए पैसा बचाकर रखें। पारिवारिक संबंधों में बना हुआ तनाव कम होगा। 

उपाय- किसी जरुरी काम पर जाने से पहले पिता या पितातुल्य लोगों का आशीर्वाद लें।

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