जयंती विशेष : नाक टूटी, बहता रहा खून फिर भी भाषण देती रहीं इंदिरा गांधी

19 Nov, 2020 08:48 IST|मो. जहांगीर आलम
फोटो : सौ. सोशल मीडिया

भुवनेश्वर में उन पर फेंकी गई थी ईंट 

कोलकाता में भी भाषण दिया 

दिल्ली में कराया नाक का ऑपरेशन

हैदराबाद : 'आयरन लेडी' के नाम से मशहूर, देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) की आज 103वीं जयंती (Birth Anniversary) है। इंदिरा गांधी की बुद्धि, चतुराई व राजनैतिक दक्षता का गुणगान उनके विरोधी भी करते थे। एक ऐसी महिला जो न केवल भारतीय राजनीति पर छाई रहीं बल्कि विश्व राजनीति के क्षितिज पर भी वह विलक्षण प्रभाव छोड़ गईं। वे देश की पहली महिला हैं जो सबसे ज्यादा समय तक प्रधानमंत्री की कुर्सी पर रहीं। उनकी गिनती दुनिया के कुशल,योग्य और राजनेताओं में होती है। 

अक्सर कहा जाता है कि इंदिरा गांधी ने अपनी नाक की प्लास्टिक सर्जरी कराई थी. लेकिन ये सच्चाई नहीं है। सच्चाई यह है कि एक जनसभा में इंदिरा गांधी के ऊपर ईंट फेंकी गई। वो सीधे आकर उनके नाक पर लगी और खून बहने लगा। इसके बाद भी वो नाक से रूमाल से दबाकर भाषण देती रहीं। इसके बाद कोलकाता में भी भाषण दी। फिर उनकी नाक का ऑपरेशन दिल्ली में करना पड़ा था।

यह बात फरवरी 1967 के चुनावों की है। उस वक्त तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी घूम घूमकर देशभर में चुनाव प्रचार कर रही थीं। वह चुनाव प्रचार के लिए देश के दूरदराज के हिस्सों में गईं। लाखों लोग खुद ब खुद उनका भाषण सुनने के लिए इकट्ठा होते थे।  

भुवनेश्वर में उन पर फेंकी गई थी ईंट 

 चुनाव प्रचार के सिलसिले में जब वो ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर गईं, तो वहां भीड़ में कुछ उपद्रवी भी थे। जिसके कारण भीड़ को नियंत्रण में रखना आयोजकों के लिए मुश्किल हो गया। वो बोल ही रही थीं कि उपद्रवियों ने पथराव शुरू कर दिया। इसी बीच ईंट का एक टुकड़ा आकर उनकी नाक पर लग गया। खून बहने लगा। सुरक्षा अधिकारी उन्हें मंच से हटा ले जाने की कोशिश की। मगर इंदिरा ने किसी की नहीं सुनी।  

कोलकाता में भी भाषण दिया 

इस घटना के बाद उनके स्टाफ और सुरक्षाकर्मियों ने उनसे दिल्ली लौटने का अनुरोध किया, लेकिन उन्होने इसे भी नहीं माना, और वो अगली जनसभा के लिए कोलकाता रवाना हो गईं। वहां उन्होंने टूटी नाक पर पट्टी लगवा कोलकाता में लोगों के सामने भाषण दिया। जब वो दिल्ली लौटीं तो पता लगा उनके नाक को खासी चोट आई है। इसका आपरेशन करना होगा। फिर बेहोश करके उनकी नाक का आपरेशन किया गया।  

हालांकि बाद में वो मजाक में कहती थीं कि मुझे तो लग रहा था कि डॉक्टर प्लास्टिक सर्जरी करके मेरी नाक को सुंदर बना देंगे। आप तो जानते ही हैं कि मेरी नाक कितनी लंबी है, लेकिन इसे खूबसूरत बनाने का एक मौका हाथ से निकल गया। कमबख्त डॉक्टरों ने कुछ नहीं किया। मैं वैसी की वैसी ही रह गई।

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