आज से शुरू हो रही है माघ गुप्त नवरात्रि, जानें महत्व, पूजा-विधि व शुभ मुहूर्त

12 Feb, 2021 08:03 IST|मीता
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माघ गुप्त नवरात्रि का महत्व 

माघ गुप्त नवरात्रि पूजा विधि

गुप्त नवरात्रि मुहूर्त 

हिंदू धर्म में नवरात्रि (Navratri) का विशेष महत्व होता है और नवरात्रि के नौ दिनों में माता दुर्गा (Mata durga) के 9 स्वरूपों की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। माना जाता है कि नवरात्रि में मां दुर्गा के पूजा से न सिर्फ जीवन के सारे संकट दूर होते हैं बल्कि जीवन में सुख-शांति आती है और किसी तरह का कोई कष्ट नहीं रहता। 

नवरात्रि वर्ष में चार बार आती है जिनमें से दो गुप्त नवरात्रि (Gupt navratri) होती है। नवरात्रि शरद, चैत्र, आषाढ़ और माघ में आती है और आषाढ़ और माघ नवरात्रि (Magh navratri), गुप्त नवरात्रि होती है। गुप्त नवरात्रि की पूजा का विशेष महत्व होता है और इस नवरात्रि में खासतौर पर तंत्र-मंत्र की साधना के लिए पूजा की जाती है। वहीं यह भी माना जाता है कि गुप्त नवरात्रि में की जाने वाली पूजा को जितना गुप्त रखा जाता है उतने ही उसके फलों में वृद्धि होती है। 

माघ मास का शुक्ल पक्ष 12 फरवरी शुक्रवार से शुरू हो रहा है और इसी दिन से शुरू हो रही है माघ गुप्त नवरात्रि। मां दुर्गा की पूजा-अर्चना व ध्यान के लिए यह नवरात्रि बेहद महत्वपूर्ण होती है। 

माघ गुप्त नवरात्रि कलश स्थापना का मुहूर्त

सुबह 8:34 से 9:59 बजे तक है

 इस दिन पंचांग के अनुसार अभिजीत मुहूर्त 

दोपहर 12:13 से 12:58 बजे तक रहेगा। 

ध्यान देने वाली बात ये है कि इस बार माघ गुप्त नवरात्रि 2021 दस दिनों की होगी। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि 17 और 18 फरवरी को दोनों दिन षष्टी की तिथि होगी। 

ऐसे करें गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा :

- गुप्त नवरात्रि में सुबह जल्दी उठना चाहिए। मां दुर्गा की पूजा सुबह शाम करनी चाहिए।
- इस दौरान दुर्गा मां की पूजा आधी रात को की जाती है।
- दुर्गा मां के प्रतिमा को स्थापित करें और उन्हें लाल रंग का सिंदूर और चुनरी अर्पित करें।
- फिर मां के चरणों में पूजा की सभी सामग्री अर्पित करें।
- मां को लाल फूल चढ़ाएं।
- इस दौरान अखंड ज्योत प्रज्वलित करनी चाहिए।
- दुर्गा सप्तशति या दुर्गा चालीसा का पाठ भी अवश्य करना चाहिए। साथ ही आरती भी करनी चाहिए।
- 'ॐ दुं दुर्गायै नमः मंत्र का जाप पूजा के दौरान करना चाहिए।
- पूजा के दौरान दुर्गा मां को लौंग और बताशे का भोग लगाना चाहिए।
- अष्टमी या नवमी के दिन कन्या पूजन कर व्रत का पारण करना चाहिए।

माघ गुप्त नवरात्रि में जानें किस दिन होगी कौन सी तिथि ...

12 फरवरी: प्रतिपदा मां शैलपुत्री, घटस्थापना
13 फरवरी: मां ब्रह्मचारिणी देवी पूजा
14 फरवरी: मां चंद्रघंटा देवी पूजा
15 फरवरी: मां कुष्मांडा देवी पूजा
16 फरवरी: मां स्कंदमाता देवी पूजा
17 और 18 फरवरी षष्ठी तिथि: मां कात्यानी देवी पूजा
19 फरवरी सप्तमी तिथि: मां कालरात्रि देवी पूजा
20 फरवरी अष्टमी तिथि: मां महागौरी, दुर्गा अष्टमी
21 फरवरी नवमी तिथि: मां सिद्धिदात्री, व्रत पारण

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अवश्य करें दुर्गा सप्तशती का पाठ

गुप्त नवरात्रि में विधि पूर्वक पूजा करने से कई प्रकार के कष्ट दूर होते हैं। गुप्त नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती का पाठ करना शुभ फल प्रदान करने वाला माना गया है। गुप्त नवरात्रि में नियमों का कठोरता से पालन करना चाहिए।


 

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