अमोल पालेकर ने 57 साल की उम्र में की शादी, गर्लफ्रेंड के चक्कर में लगा एक्टिंग का चस्का

23 Nov, 2020 23:12 IST|मो. जहांगीर आलम
फोटो : सौ. सोशल मीडिया

ऐसे बनी एक्टिंग में जाने की बात

फिल्मी करियर की शुरूआत 

पेंटर बनना चाहते थे पालेकर ​

हैदराबाद : किसी शायर ने क्या खूब कहा है.. "खुशमिजाजी मशहूर है हमारी, सादगी भी कमाल है। हम शरारती भी इंतेहा के हैं, तन्हा भी बेमिसाल हैं।" अपने दौर के मशहूर एक्टर और डायरेक्टर अमोल पालेकर इन लाइनों में बिल्कुल फिट बैठते हैं। अमोल पालेकर आज अपना 76वां जन्मदिन मना रहे हैं। उन्होंने अपनी एक्टिंग से इंडस्ट्री में एक अलग खास पहचान बना चुके हैं।

अमोल पालेकर ने अपनी जिंदगी के सफर में कई किरदारों को केवल जिया ही नहीं बल्कि निभाया भी है। करियर की शुरुआत में पालेकर बैंक क्लर्क रहे और फिर थियेटर आर्टिस्ट भी, बॉलीवुड के अभिनेता भी रहे और निर्देशक भी। एक पेंटर की आत्मा तो उनमें आज भी धड़कती है। उनका जन्म 24 नवंबर 1944 को मुंबई के एक लोअर मिडिल क्लास परिवार में हुआ था। पिता पोस्ट ऑफिस में काम करते थे और उनकी मां एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करती थीं। 

पेंटर बनना चाहते थे पालेकर 

घर के माली हालातों को देखते हुए अमोल ने भी जिंदगी से बहुत कुछ नहीं चाहा था। वह खुद भी बैंक ऑफ इंडिया में बतौर क्लर्क काम करते थे। पालेकर ने अपनी पढ़ाई मुंबई के प्रसिद्ध सर जेजे स्कूल ऑफ आर्ट्स से की थी। वह फाइन आर्ट के स्टूडेंट थे और एक पेंटर बनना चाहते थे। बतौर पेंटर उन्होंने कई बड़े ग्रुप की प्रदर्शनियों में भी हिस्सा लिया। लेकिन जिंदगी उन्हें एक्टिंग की ओर ले गई। 

अमोल को चित्रा से हो गया प्यार 

सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा था। इसी बीच अमोल की मुलाकात अपनी छोटी बहन की क्लासमेट चित्रा से हुई। अमोल को चित्रा से प्यार हो गया लेकिन चित्रा थियेटर आर्टिस्ट थीं। इसलिए अमोल का भी रुझान थियेटर की ओर होने लगा। फिर अमोल, चित्रा के साथ थियेटर जाने लगे और उन्हीं के साथ रिहर्सल भी करने लगे।

ऐसे बनी एक्टिंग में जाने की बात

चित्रा के साथ थियेटर जाने के दौरान अमोल की मुलाकात मशहूर डायरेक्टर सत्यदेव दुबे से हुई। फिर दुबे ने पालेकर को एक्टिंग करने के लिए प्रेरित किया। यहां तक कि डायरेक्टर बासु चटर्जी ने उन्हें एक फिल्म का भी ऑफर दिया लेकिन पालेकर ने फिल्म में काम करने से मना कर दिया। 

चटर्जी यहीं पर नहीं रुके, वह एक और फिल्म का ऑफर लेकर पालेकर के पास पहुंचे। इस बार पालेकर मना नहीं कर पाये और तैयार हो गए। यहीं से उनका एक्टिंग करियर शुरू हो गया। इस मौके को गले लगाकर पालेकर ने अपनी जिंदगी के लिए नए दरवाजे खोल लिए और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।  

फिल्मी करियर की शुरूआत 

उन्होंने 1971 में सत्यदेव दुबे द्वारा निर्देशित मराठी फिल्म 'शांतता कोर्ट चालू आहे' से अपने करियर की शुरुआत की। 1974 में आई बासु चटर्जी की फिल्म रजनीगंधा ने दर्शकों के दिल में पालेकर के लिए खास जगह बनाई। गोलमाल, नरम-गरम, घरौंदा, बातों-बातों, छोटी सी बात जैसी फिल्में पालेकर की बेहतरीन और सादगी से भरी एक्टिंग का ही नतीजा हैं। गोलमाल फिल्म के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला था।

अमोल पालेकर के निजी जीवन

अमोल पालेकर ने दो शादियां की थी। 57 की उम्र में उन्होंने अपनी पहली पत्‍नी चित्रा पालेकर को डाइवोर्स देकर संध्या गोखले से शादी की। उनकी दो बेटियां हैं। पहले पत्नी से हुई बेटी शलमाली आजकल ऑस्‍ट्रेलिया की एक यूनिवर्सिटी में पढ़ाती हैं। तो संध्‍या गोखले से हुई बेटी का नाम उन्‍होंने समीहा रखा है, समीहा ने कानून की पढ़ाई की है और दस साल न्‍यूयॉर्क में प्रैक्टिस करने के बाद आजकल समाजसेवा करती हैं।

पालेकर ने केवल एक्टिंग ही नहीं की बल्कि कच्ची धूप, नकाब और पहेली जैसी कई फिल्मों का निर्देशन भी किया। हालांकि अब पालेकर मुंबई की शोर भरी दुनिया से दूर पूना में पेंटिंग को समय दे रहे हैं। 

Load Comments
Hide Comments
More News
आंध्र-प्रदेश
मुख्य समाचार
.