ऐसा था संगीत के जादूगर 'पंचम दा' का जीवन, तलाक के बाद तैयार की थी इस गाने की धुन

26 Jun, 2020 23:40 IST|Sakshi
आरडी बर्मन

मुंबई : फिल्म इंडस्ट्री को कई यादगार और सुपरहिट गाने देने वाले मशहूर संगीतकार आरडी बर्मन की आज 81वीं बर्थएनिवर्सिरी है।  उनके गीत आज भी लोगों के होठों पर तैरते हैं। पंचम दा का पूरा नाम राहुल देव बर्मन था। आरडी बर्मन की गिनती फिल्म इंडस्ट्री के उन महान संगीतकारों में होती है, जिन्होंने फिल्मों में संगीत के महत्व को जनता तक पहुंचाया। आरडी बर्मन को बचपन से ही गीत-संगीत का शौक था। उनके पिता देव वर्मन भी संगीतकार थे। घर में हमेशा संगीत का माहौल होने के कारण उनकी रुचि भी इस क्षेत्र में हो गई। संगीत के इस 'शहंशाह' के पर्सनल लाइफ के बारे में बहुत कम ही लोग जानते होंगे। 

तलाक के बाद तैयार की मुसाफिर हूं यारों गाने की धुन
पंचम दा की पहली पत्‍नी का नाम रीता पटेल था। रीता से उनकी मुलाकात दार्जिलिंग में हुई थी। इसके बाद दोनों ने 1966 में शादी कर ली। हालांकि यह शादी ज्यादा दिनों तक नहीं चल सकी। दोनों की शादी को पांच साल बीते थे कि साल 1971 में दोनों अलग हो गए। बाद में  तलाक ले लिया। कहा जाता है कि फिल्‍म ‘परिचय’ का गाना ‘मुसाफिर हूं यारो, न घर है न ठिकाना’ की धुन उन्‍होंने तलाक के बाद होटल में तैयार की थी।

आशा भोसले से की दूसरी शादी
साल 1980 आते आते पंचम दा ने दूसरी शादी की। ये शादी उन्होंने गायिका आशा भोंसले से की।  इससे पहले दोनों ने कई फिल्‍मों में जबरदस्‍त हिट गाने देने के साथ ही कई स्‍टेज प्रोग्राम भी किए थे।

महमूद ने दिया था पहला मौका
कई संगीतकार और गायकों को मौका देने वाले आरडी बर्मन को बॉलीवुड में पहला चांस अभिनेता महमूद ने दिया था। साल 1961 में आई फिल्म 'छोटे नवाब' से आरडी बर्मन ने बॉलीवुड की दुनिया में बतौर संगीतकार कदम रखा।
बताया जाता है कि किसी कार्यक्रम में आरडी बर्मन तबला बजा रहे थे, उस वक्त महमूद ने उन्हें देखा और उनके तबला वादन से वह बेहद प्रभावित हुए। उसके बाद महमूद ने उन्हें फिल्म 'छोटे नवाब' में पहला मौका दिया।

जब आरडी बर्मन के पास भी नहीं था काम
80 के दशक में फिल्म इंडस्ट्री बड़े बदलाव से गुजर रही थी। उस वक्त दक्षिण भारतीय फिल्मों के हिंदी रीमेक आने लगे और हीरो हिरोइन के भड़कीले डांस को ज्यादा जगह मिलने लगी। संगीत पर हीरो का एक्शन भारी पड़ने लगा था। नए-नए संगीतकार दोयम दर्जे के गाने लिखने लगे थे। इस बात से आरडी बर्मन बेहद दुखी हुए थे। उन्होंने कुछ दिनों तक काम करना ही छोड़ दिया था।काफी लंबे समय बाद 90 के दशक के शुरुआत में उन्हें विधु विनोद चोपड़ा की फिल्म '1942 अ लव स्टोरी' में संगीत देने का मौका मिला। फिल्म के सारे गाने सुपरहिट हुए, लेकिन इस कामयाबी को देखने के लिए पंचम दा जिंदा नहीं रहे थे। 1994 में सिर्फ 54 साल की उम्र में उनका निधन हो गया।

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