पाकिस्तान में भी हिट हैं हृदयनाथ मंगेशकर के गाने, जन्म दिन पर याद कर रहे लोग

25 Oct, 2020 19:29 IST|संजय कुमार बिरादर
पंडिय हृदयनाथ मंगेशकर (फोटो सौजन्य सोशल मीडिया)

मंगेशकर उपनाम संगीत प्रतिभाओं से जुड़ा हुआ है। अधिकांश लोग और संगीत प्रेमी लता मंगेशकर और उनकी बहन आशा को जानते हैं तथा कुछ हद तक उनकी अन्य बहनें मीना और उषा को भी जानते हैं। लता मंगेशकर के भाई हृदयनाथ की प्रतिभा को महाराष्ट्र के बाहर बहुत कम लोग ही जानते हैं। पांच भाई-बहनों में इकलौता भाई हृदयनाथ की उम्र पांच साल से कम थी, जब उनके पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर का निधन हुआ था। "हृदयनाथ ने अपने पिता की मृत्यु के तुरंत बाद गाना शुरू किया। हृदयनाथ किशोरावस्था में रहते एक मान्यता  प्राप्त गायक और संगीतकार बन गए थे। उनकी रचनाएँ पूरे महाराष्ट्र में फैल चुकी थीं।"

इन हिन्दी फिल्मों में दिया संगीत

हृदयनाथ मंगेशकर देश के उन संगीतकारों में शुमार हैं जो बेहद जटिल धुनें बनाते हैं। अगर कोई उनके गाने गाने की कोशिश करता भी है तो उन्हें धुने जटिल एहसास होती है, लेकिन श्रोताओं को सुनने में इतने आसान होते हैं कि वे बार-बार सुनना चाहते हैं।  हिंदी फिल्म के गीत श्रोताओं के लिए हृदयनाथ ने फिल्म लेकिन, मशाल, माया मेमसाब, जैसी अन्य फिल्मों के लिए धुन बनाए थे।

हृदयनाथ ने अपनी बहनें लता और आशा भोंसले के साथ मिलकर मराठी  फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक से एक मास्टरपीस रचनाएं दीं। इससे मराठी फिल्मों में हृदयनाथ की पॉपुलारिटी काफी बढ़ी। उनकी रचना ज्ञानेश्वर मौली ने मराठी भक्ति संगीत के लिए मानक साबित हुआ।

पाकिस्तान में हिट रही चरण वाही देश

हृदयनाथ ने अपनी गुरू लता मंगेशकर (हालांकि उन्होंने उस्ताद अमीर खान के यहां संगीत सीखा) के साथ मिलकर दो रचनाएं बनाएं। 1950 में उन्होंने बॉलीवुड को अपनी दो रचनाएं दीं, जिनमें लता मंगेशकर द्वारा गया गया फिल्म सूरदास का गाना ' निसा दिन बरसात नहीं हमारे' और फिल्म मीरा बाई की 'बरसे बूंदियां सावन की। शामिल हैं।
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इसने संगीत की भव्यता को प्रदर्शित किया, जिसे बाद में उभरना था। चरण वाही देश, एल्बम हृदयनाथ मंगेशकर ने अपनी बहन लता के साथ रिकॉर्ड किया, "आश्चर्यजनक रूप से भारत की तुलना में पाकिस्तान में एक बड़ी हिट रही"। मीरा, सूरदास और कबीरा के लिए भाई-बहन फिर से एक साथ आए। हृदयनाथ की मीरा, सूरदास और कबीर के गीतों के तीन उत्कृष्ट संकलन हैं।

मंगेशकर बहनों को अपने छोटे भाई हृदयनाथ के प्रति अपार प्यार था बल्कि बहनें उन्हें ऊंचाई तक ले गई। लता मंगेशकर कई बार ऑन रिकार्ड पर कह चुकी हैं कि हृदयनाथ बहुत ही कठिन मास्टर है, क्योंकि उन्हें गाने से संतुष्ट करना बहुत मुश्किल है। उनकी छोटी बहन आशा भी लता की इन बातों से सहमत हैं।

मराठी फिल्म इंडस्ट्री में अत्यंत लोकप्रिय

पिछले 5 दशकों के दौरान हृदयनाथ ने भक्ति से जुड़े कई धुन और रचनाएं देकर हर किसी का दिल जीत लिया है। उन्होंने हर तरह के गानों में अपना हाथ आजमाया, जैसे कि भावात्मक गीत, नॉन फिल्म माराठी म्यूजिक, लोक गीत, कोली-गीत या मछुआरा समुदाय द्वारा गाए जाने वाले गानों के धुन बनाए हैं। गोवा संगीत आधारित गाने, लोक और ग्रामीण गाने जैसे जैत रे जैत, देशभक्ति के गीत, गजल, अभांगास, पावड़ा या माराठी गाने, गमगीन गाने ऐसे हर तरह के गानों को संगीत दिया है। हृदयनाथ की अधिकांश रचनाएँ प्रतिष्ठित बन गईं और मानकों को दोहराने के लिए लगभग असंभव बना दिया। 

मराठी के प्रसिद्ध लेखक मंगला खादिकार के मुताबिक  एक मराठी संगीत प्रेमी को उनकी जिवलगा जैसी रचना सुनने के बाद उनके संगीत के दीवाने हुए बिना रहना मुश्किल है। उन्होंने दयाघाना, मेंडिच्यापनवर, असबेबहन हा आरा, उषा कलहोताहोता और ऐसी अनगिनत रचनाएं हैं।  50 के दशक में भावात्मक गीतों को बहुत ही सामान्य धुनों से संजोया जाता था ताकि हर कोई गा सके, लेकिन हृदयनाथ ने इस नियम को तोड़ते हुए गानों को आकर्षक, अत्यंत स्पष्ट और जटिल धुनों से कंपोज किया, जो हर श्रोता को प्रभावित किया।

गानों में कोर्ड सिस्टम और वेस्टर्न बीट्स जोड़ना है खासियत

हृदयनाथ राग आधारित गाने कंपोज करने में काफी सहज थे और वह अकसर गानों में कोर्ड सिस्टम और वेस्टर्न बीट्स जोड़ दिया करते थे। हृदयनाथ पंडित दीनानाथ मंगेशकर, शिवाजी महाराज और वीर सावरकर से प्रेरित हैं। हृदयनाथ आरडी और एसडी बर्मन को पसंद करते थे। उन्होंने अपने खुद की रचनाओं के लिए गाए भी हैं, लेकिन एक गायक के मुकाबले उनके संगीत के लिए याद किए जाते हैं।

कुछ साल पहले हृदयनथ अवार्ड्स शुरू 

हृदयनाथ मंगेशकर के जन्मदिन पर कुछ साल पहले हृदयनाथ अवार्ड शुरू किया गया है जो काफी मशहूर है। यह परुस्कार अब तक लता मंगेशकर, बाबा साहेब पुरंदरे, आशा भोंसले, अमिताभ बच्चन, सुलोचना आदि, खय्यूम को मिल चुका है। पंडित हृदयनाथ, जिसे 'ह्रदय-नाथ' या दिल का भगवान कहा जाता है। हृदयनाथ जैसा काम करना लगभग असंभव होगा और कुछ ऐसा होगा जो भविष्य में आने वाली पीढ़ियों को आनंद देगा। यह केवल हृदयनाथ जैसी प्रतिभा वाला व्यक्ति से संभव है जो जटिल रूप को सुंदर और आसान बने सकते हैं।

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