जन्म से हिंदू थीं कोरियोग्राफर सरोज खान, 13 साल की उम्र में 41 साल के सोहनलाल से की थी शादी

3 Jul, 2020 15:25 IST|Sakshi
(डिजाइन इमेज) सरोज खान

नई दिल्ली : कोरियोग्राफर सरोज खान के निधन से पूरा बॉलीवुड सदमे में है। सरोज खान के यूं चले जाने से एक ऐसा शून्य पैदा हो गया है, जिसे भरना अब मुमकिन नहीं। सरोज खान का 3 जुलाई को मुंबई के अस्पताल में निधन हुआ। कोरियोग्राफर लंबे समय से बीमार चल रही थीं। उनके निधन से हर कोई सदमे में है।

सरोज खान ने बॉलीवुड में चार दशक से लंबी पारी खेली है। उन्होंने माधुरी दीक्ष‍ित और श्रीदेवी के साथ सबसे ज्यादा काम किया। उन्होंने कई बेहतरीन गानों को कोरियोग्राफ कर अपनी एक अलग पहचान बनाई। हालांकि अपनी जिंदगी में सरोज खान करियर के अलावा निजी जिंदगी को लेकर भी अक्सर सुर्खियों में रहीं। उनके बयानों से लेकर उनकी निजी जिंदगी तक, सब कुछ खबरों में बना रहता था। उनकी जिंदगी की ऐसी ही कई बातों पर डालते हैं एक नजर...

जन्म से हिंदू थीं सरोज

बहुत ही कम लोग जानते होंगे कि बॉलीवुड में 'मास्टरजी' नाम से सम्मानित कोरियोग्राफर सरोज खान असल में हिंदू थीं। उन्होंने बाद में इस्लाम कुबूल कि‍या था। एक पाकिस्तानी चैनल को दिए अपने एक इंटरव्यू में उन्होंने कई मुद्दों पर बात की थी, हालांकि उस वक्त भी सबकी नजर उनके इस बयान पर ही थी।

बच्चों की इबादत का तरीका करता था आकर्षित

सरोज खान ने खुद बताया था कि शादी से पहले वो हिंदू थीं। उनका असली नाम सरोज किशन चंद साधू सिंह नागपाल था। वो एक सिंधी पजांबी थीं। सरोज खान ने बताया था कि शादी के बाद उन्होंने इस्लाम कुबूल किया था। उन्होंने अपने इस कदम के पीछे दो बड़ी वजह बताई थी। पहली वजह तो ये थी कि सरोज खान को इस्लाम धर्म में बच्चों की रुचि देख अच्छा लगता था। उन्होंने इंटरव्यू में कहा था- मैं जब छोटे बच्चों को इस्लाम का पालन करती देखती थी, इबादत करती देखती थी तो अच्छा लगता था। सरोज खान के मुताबिक उन्हें हिंदू धर्म में ऐसा होता नहीं दिखता था इसलिए उन्होंने इस्लाम कुबूला था।

सपने में दिखता था मस्जिद

हालांकि सरोज खान का इस्लाम कुबूल करना एक सपने से भी जुड़ा हुआ था। वो बताती थीं कि उन्हें सपने में एक बच्ची मस्जिद के अंदर से पुकारती थी। सपने में वो बच्ची सरोज खान को अपनी मां बताती थी और बार-बार उन्हें पुकारती थी। सरोज खान को वो सपना कई बार आता था। ऐसे में उन्होंने इस्लाम धर्म को कुबूल करने का निर्णय ले लिया था। इंटरव्यू में सरोज खान ने इस बात पर जोर दिया कि उन्हें कभी भी इस्लाम कुबूल करने के लिए मजबूर नहीं किया गया। उन्होंने अपनी खुशी से धर्म परिवर्तन किया था और हिंदू धर्म को छोड़ इस्लाम कुबूला था।

मुंबई के सबसे बड़े जामा मस्जिद में किया था धर्म परिवर्तन

सरोज खान ने ये भी बताया था कि उन्होंने मुंबई के सबसे बड़े जामा मस्जिद में धर्म परिवर्तन किया था। उसके बाद से पूरी दुनिया उन्हें सरोज खान के नाम से जानने लगी थी। बहरहाल, सरोज खान की जिंदगी का यह वो पहलू है, जो शायद ही पहले किसी को पता था, लेकिन कोरियोग्राफर का धर्म जो भी रहा हो, लेकिन उन पर पूरी दुनिया गर्व महसूस करती है। उनके काम की तारीफ करती है।

13 साल की उम्र में की थी 41 साल के शख्स से शादी

सरोज खान की शादी महज 13 साल की उम्र में हो गई थी। उन्होंने इतनी छोटी उम्र में 41 साल के डांस डायरेक्टर बी सोहनलाल से शादी कर ली थी। सोहनलाल तब पहले से शादीशुदा थे और 4 बच्चों के बाप भी थे। हालांकि सरोज को ये बात नहीं पता थी। सोहनलाल बॉलीवुड फिल्मों में डांस डायरेक्टर थे। उन्होंने सरोज को डांस की प्राथमिक शिक्षा दी थी। सरोज ने उनसे कथक, कथकली, मणिपुरी और भरतनाट्यम सीखा था।

सोहनलाल ने उनके बच्चों को नाम देने से मना कर दिया

14 साल की उम्र में सरोज ने अपने पहले बेटे राजू खान को जन्म दिया। दो साल बाद उन्होंने एक बेटी को जन्म दिया, जो आठ महीने से ज्यादा जी नहीं सकी। इसके बाद सोहनलाल ने उनके बच्चों को नाम देने से मना कर दिया और अलग होने की मांग की। अलग होने के कुछ समय बाद सोहनलाल ने सरोज को दोबारा अपना असिस्टेंट बनने का ऑफर दिया। मना करने पर उन्होंने सिने डांसर्स एसोसिएशन के साथ सरोज पर केस दर्ज कर दिया था। हारकर सरोज को अपने काम से इस्तीफा देना पड़ा और वे वापस सोहनलाल के साथ काम करने लगीं।

बाद में रोशन खान से की शादी

सरोज दोबारा मां बनीं और इस बार उन्हें बेटी हुई, लेकिन इस बार सोहनलाल उन्हें हमेशा के लिए छोड़कर चेन्नई (उस समय मद्रास) चले गए। बाद में सरोज की मुलाकात बिजनेसमैन सरदार रोशन खान से हुई। रोशन की भी शादी हो चुकी थी और उनके दो बच्चे भी थे, लेकिन उन्हें सरोज बेहद पसंद थीं। रोशन खान ने सरोज से शादी की और उनके बच्चों को अपना नाम भी दिया। एक इंटरव्यू में सरोज ने बताया था कि वे और रोशन की पहली पत्नी, बहन की तरह रहती हैं।

श्रीदेवी और माधुरी दीक्षित के गानों ​ने दिलाई पहचान

सरोज ने बॉलीवुड में नाम बनाने के लिए काफी मेहनत की थी। उन्हें फिल्म मिस्टर इंडिया में श्रीदेवी के गाने हवा हवाई को कोरियोग्राफ कर पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने नगीना और चांदनी जैसी फिल्मों में श्रीदेवी संग काम किया। बाद में वे माधुरी दीक्षित से मिलीं और एक दो तीन गाने को कोरियोग्राफ किया। अपने 40 साल के करियर में सरोज खान ने दो हजार से ज्यादा गानों के लिए कोरियोग्राफी की। उनके क्लासिकल डांस के चर्चे बॉलीवुड ही नहीं, विदेशों में भी काफी थे। उन्होंने माधुरी दीक्ष‍ित और श्रीदेवी सहित जूही चावला, ऐश्वर्या राय बच्चन और कई अन्य बॉलीवुड एक्ट्रेसेज को डांस में परफेक्शन दिया।

कितने ही फिल्मों के लिए कोरियोग्राफ कर चुकी थीं सरोज

सरोज खान ने फिल्म जब वी मेट, गुरु, तमिल मूवी श्रृंगारम, लगान, हम दिल दे चुके सनम, देवदास जैसी कई फिल्मों में डांस कोरियोग्राफ करने के लिए नेशनल अवॉर्ड भी जीता था। एक समय पर वे टीवी पर अपना डांसिंग शो लेकर आई थीं, जिसमें वे दर्शकों को फिल्मों के गानों पर डांस सिखाती थीं। बॉलीवुड में उन्हें प्यार से मास्टर जी बुलाया जाता था। बता दें कि फिल्म जगत का एक बड़ा हिस्सा रहीं सरोज खान का शुक्रवार 3 जुलाई को दुनिया से विदा ले ली। उनकी जान कार्डियक अरेस्ट की वजह से गई। वे 71 साल की थीं। सरोज बीते कुछ दिनों से बीमार चल रही थीं।

शोक संतप्त है बॉलीवुड

तबियत खराब होने के चलते उन्हें कुछ दिनों पहले बांद्रा स्थित एक हॉस्पिटल में एडमिट करावाया गया था। देर रात उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई और शुक्रवार को उनका निधन हो गया। अस्पताल में भर्ती होने से पहले उनका कोविड टेस्ट कराया गया था, जो निगेटिव आया था। सरोज के जाने के बाद से ही बॉलीवुड में शोक की लहर दौड़ गई है। मास्टर जी के जाने पर अक्षय कुमार, माधुरी दीक्षित, रेमो डीसूजा संग कई सेलेब्स उनके जाने पर दुख जता रहे हैं।

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