फिल्मों में आने से पहले एयर होस्टेस रह चुकी हैं मल्लिका शेरावत, कभी पिता बनाना चाहते थे IAS

24 Oct, 2020 07:45 IST|Sakshi

सोशल एक्टिविस्ट और फ्रीडम फाइटर थे पूर्वज

सेठ छाजुराम की परपोती है मल्लिका

 बॉलीवुड एक्ट्रेस मल्लिका शेरावत  44 साल की हो गई हैं। 24 अक्टूबर 1976 को हरियाणा के रोहतक में एक जाट परिवार में पैदा हुईं मल्लिका का असली नाम रीमा लांबा है। फिल्मों में आने के लिए उन्होंने अपना नाम मल्लिका कर लिया था। शेरावत उनकी मां का सरनेम है। दरअसल, मल्लिका को हमेशा मां का सपोर्ट मिला है। इस वजह से उन्होंने मां के सरनेम को अपना लिया। कहा जाता है कि मल्लिका के पिता पहले उनके हीरोइन बनने के फैसले से नाराज थे। हालांकि, अब दोनों के रिश्ते सामान्य हैं।

फिल्मों में आने से पहले एयर हॉस्टेस रह चुकी हैं मल्लिका
मल्लिका शेरावत फिल्मों में आने से पहले एयर हॉस्टेस रह चुकी हैं। मल्लिका ने बॉलीवुड में डेब्यू करीना कपूर और तुषार कपूर स्टारर फिल्म 'जीना सिर्फ मेरे लिए' में छोटे से रोल से किया था। इस फिल्म में उन्हें क्रेडिट रीमा लांबा नाम से ही दिया गया था। हालांकि मल्लिका की बतौर लीड एक्ट्रेस पहली फिल्म 2003 में आई 'ख्वाहिश' है। इस फिल्म में मल्लिका एक्टर हिमांशु मलिक के साथ 17 किसिंग सीन देकर रातोंरात चर्चा में आ गई थीं। इन किसिंग सीन का फायदा भी मल्लिका को मिला और भट्ट कैंप की फिल्म 'मर्डर' उन्हें मिल गई। इस फिल्म में भी मल्लिका ने काफी बोल्ड सीन्स दिए थे। रिलीज के बाद मल्लिका इस फिल्म ने शुरुआती 4 दिनों में ही फिल्म की लागत निकाल ली थी।

शादीशुदा होने के बावजूद खुद को कुंवारी बताती हैं मल्लिका
मल्लिका शेरावत शादीशुदा होने के बावजूद खुद को कुवांरी बताती हैं। साल 2010 में दिल्ली के करण सिंह गिल से उनकी शादी हुई थी। करण पेशे से एक पायलट थे, लेकिन शादी के 2 साल बाद दोनों अलग हो गए थे। हालांकि बाद में उनके दूसरी शादी की भी खबर आई।

बताया जा रहा था कि उन्होंने  एक विदेशी ब्वॉयफ्रेंड से शादी कर ली है जिनके साथ इन दिनों उनकी काफी तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आ चुकी हैंं। हालांकि मल्लिका ने इस खबर को सिरे से खारिज कर दिया। 

सोशल एक्टिविस्ट और फ्रीडम फाइटर थे पूर्वज
मल्लिका हरियाणा के फेमस सोशल एक्टिविस्ट और फ्रीडम फाइटर सेठ छज्जू राम के परिवार में पैदा हुई थीं। भिवानी, हरियाणा से मल्लिका की जड़ें जुड़ी हुई हैं। यह मल्लिका का पैतृक गांव है, जहां उनके पुरखे रहते थे। छज्जू राम (सन् 1861-1943) ने अपने पैतृक पेशे यानी खेती-बाड़ी को छोड़कर कोलकाता जाने का निर्णय लिया और वहां जाकर जूट का बिजनेस शुरू किया।वहां कमाए धन से उन्होंने हरियाणा में स्वास्थ्य और पढ़ाई के क्षेत्र में काफी सामाजिक योगदान किया।

सेठ छाजुराम की परपोती है मल्लिका
मल्लिका शेरावत छज्जू राम के छोटे भाई त्रिखा राम की पड़पोती हैं। उनके पिता मुकेश लांबा, त्रिखा राम के पोते हैं। मल्लिका शेरावत के पिता अपने भाईयों के साथ गांव में मौजूद पैतृक हवेली में रहते थे।हिसार में छज्जू राम के नाम पर कई स्कूल और कॉलेज हैं। उनके परोपकारी कार्यों के लिए ब्रिटिश सरकार द्वारा उन्हें 'सर' की उपाधि दी गई थी।मुकेश लांबा के अनुसार छज्जू राम ने हिसार में जाट एजुकेशन सोसाइटी की स्थापना की थी, जो उनके क्षेत्र में स्कूल और कॉलेज चलाने में मदद करती थी।छज्जू राम ने भिवानी में एक अस्पताल भी बनवाया था, जिसे बाद में भारत सरकार ने अपने अधीन कर लिया और आज इसे सिविल अस्पताल के नाम से जाना जाता है।

IAS बनाने का था सपना
मल्लिका के पिता मुकेश लाम्बा ने कुछ साल पहले एक इंटरव्यू में यह भी कहा था, 'मैं उसे आईएएस बनाना चाहता था मगर उसकी इच्छा एक्टिंग करने की थी। मैं नहीं चाहता था कि वो एक्टिंग करे और इस बात से नाराज होकर मैंने उससे कहा था कि वो मेरा सरनेम लाम्बा हटा दें।' इसके बाद दिल्ली में पढ़ने गईं मल्लिका ने फैमिली से मिलना-जुलना कम कर दिया। उनके पिता ने बताया, वह किसी त्योहार पर मिलने आ जाती थीं।

इन फिल्मों में काम कर चुकीं मल्लिका
मल्लिका ने 2003 में फिल्म 'ख्वाहिश' से डेब्यू किया था। इसके अलावा उन्होंने 'किस किस की किस्मत' (2004), 'मर्डर' (2004), 'प्यार के साइड इफेक्ट्स' (2006), 'शादी से पहले' (2006), 'वेलकम' (2007), हिस्स (2010), 'डबल धमाल' (2011), बिन बुलाए बराती (2011), 'तेज' (2012), डर्टी पॉलिटिक्स (2015), टाइम रेडर्स (2016) जैसी फिल्मों में काम किया है।

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