तो ये है पूजा में दीपक जलाने के फायदे, दिया जलाते समय करें इन नियमों का पालन

3 Oct, 2020 18:41 IST|मीता
दीपक का महत्व

पूजा में दीपक जलाने का महत्व 

ये है दीपक से जुड़े खास नियम 

हिंदू धर्म में दीपक जलाने का बड़ा महत्व है और हर कार्य की शुरुआत दीप जलाने से ही होती है। पूजा-पाठ और उत्सव में तो दीपक जलाना बेहद जरूरी होता है। धर्मशास्त्रों के अनुसार अग्नि पृथ्वी पर सूर्य का बदला हुआ रूप है। मान्यता है कि अग्निदेव को साक्षी मानकर उसकी मौजूदगी में किए गए कार्य अवश्य सफल होते हैं। प्रकाश ज्ञान का प्रतीक भी है, 'ईश्वर' प्रकाश और ज्ञान -रूप में ही हर जगह व्याप्त हैं।

ज्ञान प्राप्त होने से अज्ञान रुपी मनोविकार दूर होते हैं जीवन के कष्ट मिटते हैं इसलिए प्रकाश की पूजा को परमात्मा की पूजा भी माना गया है। पूजा में सबसे पहले दीपक जलाकर उसे पूजा जाता है और उसके बाद ही किसी भी देवी-देवता की पूजा की जाती है।  

दीपदान का महत्व 

अग्नि पुराण के अनुसार जो मनुष्य मंदिर अथवा ब्राह्मण के घर में एक वर्ष तक दीप दान करता है वह सब कुछ प्राप्त कर लेता है। इसी प्रकार चार्तुमास, पूरे अधिकमास या अधिकमास की पूर्णिमा के दिन मंदिर या पवित्र नदियों के किनारे दीपदान करने वाला मनुष्य विष्णु लोक को प्राप्त होता है। इसके अलावा ऐसा भी माना जाता है कि जब तक दीपक जलता है, तब तक भगवान स्वयं उस स्थान पर उपस्थित रहते है इसलिए वहां पर मांगी गई मनोकामनाएं शीघ्र पूरी होती हैं। 


दीपक से हमें जीवन के उर्ध्वगामी होने, ऊंचा उठने और अंधकार को मिटा डालने की प्रेरणा मिलती है। इसके अलावा दीप ज्योति से समस्त पाप नष्ट होकर जीवन में सुख-समृद्धि, आयु, आरोग्य एवं सुखमय जीवन में वृद्धि होती है। गाय के घी का दीपक जलाने से आसपास का वातावरण रोगाणु मुक्त होकर शुद्ध हो जाता है। पूजा अर्चना करते वक्त दीपक जलाने के पीछे भी यही उद्देश्य होता है कि प्रभु हमारे मन से अज्ञान रुपी अंधकार को दूर करके ज्ञान रुपी प्रकाश प्रदान करें।

दीपक देता है सकारात्मक ऊर्जा  

- किसी भी पूजा अथवा त्योहार पर घी या तेल के दीपक जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, घर के सदस्यों को प्रसिद्धि मिलती है। 

- वास्तु नियमों के अनुसार अखंड दीपक पूजा स्थल के आग्नेय कोण में रखा जाना चाहिए, इस दिशा में दीपक रखने से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है तथा घर में सुख-समृद्धि का निवास होता है। 

- दीपक की लौ के संबंध मान्यता है कि उत्तर दिशा की ओर लौ रखने से स्वास्थ्य और प्रसन्नता बढ़ती है, पूर्व दिशा की ओर लौ रखने से आयु की वृद्धि होती है।

- ध्यान रखें कि यदि मिट्टी का दीप जला रहे हैं तो दीप साफ और साबुत हो। किसी भी पूजा में टूटा हुआ दीपक अशुभ और वर्जित माना गया है। 

- दीपक जलाने के बारे में कहा जाता है कि सम संख्या में जलाने से ऊर्जा का संवहन निष्क्रिय हो जाता है, जबकि विषम संख्या में दीपक जलाने पर वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का निर्माण होता है। यही वजह है कि धार्मिक कार्यों में हमेशा विषम संख्या में दीपक जलाए जाते हैं।  

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