नवरात्रि स्पेशल: यहां गिरा था माता सती का दाहिना हाथ, 51 शक्तिपीठों में से एक है देवी पाटन मंदिर

19 Oct, 2020 13:37 IST|सुषमाश्री
देवी पाटन मंदिर, तुलसीपुर

नवरात्रि 2020 के पहले ही दिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ माता के दर्शन के लिए प्रदेश के प्रसिद्ध देवी पाटन मंदिर पहुंचे थे। वहां पहुंचकर उन्होंने महिलाओं के खिलाफ हो रही घटनाओं को रोकने को लेकर सख्त कदम उठाने की बात भी की। साथ ही 'मिशन शक्ति' नाम से अपराधियों के खिलाफ एक अभियान भी शुरू किया।

क्या आप जानते हैं कि देवी पाटन मंदिर का महत्व क्यों है? आइए, जानते हैं माता के इस प्रसिद्ध मंदिर को करीब से...

देवी पाटन टेंपल तुलसीपुर स्थित बेहद फेमस मंदिर है। यह बलरामपुर से 25 किलोमीटर दूर जिला हेडक्वार्टर के पास स्थित है। यह मां पतेश्वरी का मंदिर है, जिन्हें स्थानीय लोग देवी पाटन नाम से भी बुलाते हैं। यह मंदिर मां दुर्गा के प्रसिद्ध 51 शक्तिपीठों में से एक है।

पुरानी मान्यता है कि माता सती का दाहिना हाथ, जिसे पट भी कहते हैं, यहीं गिरा था। यही वजह है कि इसे देवी पाटन मंदिर कहा जाता है। इस स्थल को 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। धार्मिक ​दृष्टि से इस स्थान का विशेष महत्व है। तेराई इलाके का यह प्रसिद्ध मंदिर माना जाता है।

इस मंदिर का धार्मिक महत्व होने के कारण नवरात्रि के दौरान यहां ​बड़ी संख्या में लोग देवी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। भक्त यहां मुंडन के लिए भी आते हैं। यदि उन्होंने कहीं और मुंडन करवा लिया होता है ​तो विशेष रूप से यहां अपने बाल दान करने के लिए पहुंचते हैं। यहां बालों का दान करना पवित्र माना जाता है।

यह मंदिर तुलसीपुर शहर के पश्चिम में स्थित है। बलरामपुर से यह मंदिर 25 किलोमीटर दूर स्थित है। बलरामपुर जिला मुख्यालय से देवी के इस मंदिर तक बसें चलती हैं। यहां तक पहुंचने के लिए गोंडा जंक्शन से आप ट्रेन से भी यात्रा कर सकते हैं। इसके बाद बस से तुलसीपुर आसानी से जा सकते हैं।

बता दें कि देश के सभी मुख्य शहरों से गोंडा रेल के रास्ते जुड़ा हुआ है। अगर आप हवाई यात्रा करके यहां तक पहुंचना चाहते हैं तो आपके लिए राजधानी लखनऊ एयरपोर्ट पास होगा।

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