इंदिरा एकादशी का व्रत रख रहे हैं तो जरूर सुनें ये व्रत कथा मिलेगा, करें ये खास उपाय

12 Sep, 2020 20:52 IST|मीता
इंदिरा एकादशी कथा

इंदिरा एकादशी पर जरूर सुनें ये व्रत कथा 

व्रत के साथ करें ये खास उपाय 

पितृपक्ष के दौरान आने वाली एकादशी को इंदिरा एकादशी कहते हैं। ये एकादशी आश्विन माह में कृष्ण पक्ष में आती है। इस बार इंदिरा एकादशी 13 सितंबर रविवार को है। शास्त्रों में पितृपक्ष के दौरान आने वाली इस एकादशी को पितरों को मोक्ष दिलाने वाली माना गया है। इस दिन व्रत व श्राद्ध करने से पितृ तृप्त होते हैं। 

माना जाता है कि जो जातक यह व्रत अपने पितरों के निमित्त सच्ची श्रद्धा के साथ करते हैं उनके पितरों को फलस्वरूप मोक्ष की प्राप्ति होती है। अगर कोई पितर भूलवश अपने पाप के कर्मों के कारण यमराज के दंड का भागी रहता है तो उसके परिजनों के द्वारा यह एकादशी व्रत जरूर करना चाहिए और ऐसा करने से उनकी मुक्ति हो जाती है। 

अगर जातक इंदिरा एकादशी का व्रत रख रहे हैं और विधि-विधान से पूजा और पितरों के निमित्त श्राद्ध कर रहे हैं तो उन्हें इसकी व्रत कथा भी सुननी चाहिए जिससे कि व्रत का फल मिल सके। 

इंदिरा एकादशी की व्रत कथा 

पौराणिक कथा के अनुसार, कहा जाता है कि भगवान श्री कृष्ण ने इंदिरा एकादशी व्रत कथा का महत्व धर्मराज युद्धिष्ठर को बताया था। उनके अनुसार, सतयुग के समय की बात है। इंद्रसेन नाम का एक राजा था जिसका महिष्मति राज्य पर शासन था। राजा के राज्य में सभी प्रजा सुखी थी और राजा इंद्रसेन भगवान विष्णु के परम भक्त थे। एक बार राजा के दरबार में देवर्षि नारद पहुंचे तब राजा ने उनका स्वागत सत्कार किया और आने का कारण पूछा। 
तब देवर्षि नारद ने बताया कि मैं यम से मिलने यमलोक गया था, वहां मैंने तुम्हारे पिता को देखा। वहां वह अपने पूर्व जन्म में एकादशी व्रत के खण्डित होने का दंड भोग रहे हैं। उन्हें तमाम तरह की यातनाएं झेलनी पड़ रही है। इसके लिए उन्होंने आपसे इंदिरा एकादशी का व्रत करने को कहा है ताकि उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हो सके। 
तब राजा ने नारद जी से इंदिरा एकादशी व्रत के बारे में जानकारी देने को कहा। देवर्षि ने आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी व्रत की विधि के पालन के बारे में बताया, जिससे उनके पिता की आत्मा को शांति मिली और वैकुंठ की प्राप्ति हुई।

शास्त्रों में एकादशी तिथि भगवान विष्णु जी को समर्पित है। इस दिन विष्णु जी की आराधना से जुड़े कार्य जरूर करने चाहिए, ऐसा करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और उनके अनेक प्रकार के संकट दूर हो जाते हैं। 

तो आइए जानते हैं इंदिरा एकादशी के दिन भगवान विष्णु जी आशीर्वाद पाने के लिए कौन से उपाय करने चाहिए...

- इंदिरा एकादशी की शाम तुलसी के सामने गाय के घी का दीपक लगाए और ॐ वासुदेवाय नमः मंत्र बोलते हुए तुलसी की 11 परिक्रमा करें। इससे घर में सुख-शांति बनी रहती है और घर में किसी भी तरह का संकट नहीं आता है।

-एकादशी पर भगवान विष्णु की पीले रंग के फूलों से पूजा अवश्य करनी चाहिए। इससे आपकी हर मनोकामना पूरी हो सकती है। पीले रंग के पुष्प जगत के पालनहार विष्णु जी को बेहद ही प्रिय होते हैं।

-इंदिरा एकादशी पर भगवान विष्णु को खीर का भोग लगाना चाहिए। खीर में तुलसी के पत्ते डाल कर भोग लगाएं। इससे घर में शांति बनी रहती है। परिजनों के बीच भाईचारा बना रहता है।

-एकादशी पर पीले रंग के फल, कपड़े व अनाज भगवान विष्णु को अर्पित करें। बाद में ये सभी चीजें गरीबों को दान कर देनी चाहिए। ऐसा करने से भगवान विष्णु जी का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

-एकादशी पर पीपल के वृक्ष पर जल चढ़ाएं। पीपल में भगवान विष्णु का वास मन जाता है। इससे कर्ज से मुक्ति मिलती है। साथ ही आर्थिक स्थिति में सुधार आता है।


 

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