चंद्रबाबू ने पोलावरम योजना का एटीएम की तरह किया इस्तेमाल : मंत्री बोत्सा

15 Jan, 2021 18:16 IST|के. लक्ष्मण
मंत्री बोत्सा सत्यनारायण

चंद्रबाबू नायडू का मान्सास ट्रस्ट ने नहीं को लगाव

मेडिकल कॉलेज बनाने का ठंडे बस्ते में रखा प्रस्ताव

पूर्व सांसद मुरली मोहन ने व्यापारियों के हवाले कर दी जमीन

विजयवाड़ा : मंत्री बोत्सा सत्यनारायण (Botsa Satyanarayana)ने आरोप लगाया कि टीडीपी (TDP) के अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष चंद्रबाबू नायडू (Chandrababu Naidu) ने आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) की राजधानी अमरावती (Amaravati) और पोलावरम (Polavaram) परियोजना का एटीएम की तरह इस्तेमाल किया है। चंद्रबाबू ने किसानों की भलाई के बारे में कभी भी नहीं सोचा है। उन्हें मझधार में छोड़ दिया। उनकी परेशानियों को बढ़ाया। अब तक इतना सब कुछ होने के बावजूद उन्हें किसानों की भलाई याद  आने लगी है। इसके लिए उन्हें 20 महीने का समय लगा। 

आंध्र प्रदेश के मंत्री ने कहा कि चंद्रबाबू ने चुनाव में लोगों को 650 आश्वासन दिये थे। इसका जिक्र चंद्रबाबू ने मैनिफेस्टो में किया था। किसानों को ऋण माफी और ड्वाक्रा ग्रुप की महिलाओं को भी ऋण माफी का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद लोगों ने उन्हें सबक सिखाया। मंत्री ने कहा कि चंद्रबाबू अब ओछी राजनीति कर रहे हैं। त्योहार को भी राजनीतिक रंग देना शुरू कर दिया है। उन्होंने नया नाटक शुरू किया है। त्योहार की परंपरा और संस्कृति को छोड़ अब राजनीति कर रहे  हैं। लोगों को त्योहार की शुभकानाएं देने की बजाय उन्हें सरकार के खिलाफ भड़काने का प्रयास कर रहे हैं। बोत्सा ने कहा कि चंद्रबाबू चाहे कितनी भी नौटंकी कर ले, लोग उनकी कूटनीति को समझ गये हैं। लोग उनपर विश्वास करने की स्थिति में नहीं है। 

इसे भी पढ़ें :

रामतीर्थम मंदिर विवाद : कार्यकर्ताओं समेत भाजपा अध्यक्ष वीरराजू गिरफ्तार, धारा 30 का किया उल्लंघन

आंध्र प्रदेश : अशोक गजपति राजू को रामतीर्थम मंदिर के चेयरमैन पद से हटाया गया

मंत्री सत्यनारायण ने कहा कि विजयनगरम के मान्सास ट्रस्ट के प्रति चंद्रबाबू को कोई लगाव नहीं है। उन्होंने संस्था को अशोक गजपति राजू के परिवार में तब्दील कर दिया है। मंत्री बोत्सा ने कहा कि आंध्र प्रदेश की सरकार गजपति परिवार के बीच कोई दखलअंदाजी नहीं करेगी। उन्होंने याद दिलाया कि अशोक गजपति ने 2004 में अपने बड़े भाई आनंद गजपति राजू को चेयरमैन पद से हटाकर संस्था को सरकार में विलीन करने की मांग की थी। मान्सास के नेतृत्व में मेडिकल कॉलेज बनाने का मुद्दा ठंडे बस्ते में रखा। इस बात को जिले के सभी लोग जानते हैं। मंत्री ने आरोप लगाया कि पूर्व सांसद मुरली मोहन ने मेडिकल कॉलेज  बनाने की बात कहते हुए जमीन व्यापारियों के हवाले कर दी। 

Related Tweets
Load Comments
Hide Comments
More News
आंध्र-प्रदेश
मुख्य समाचार
.