23 लाख अल्पसंख्यक महिलाओं को जगन सरकार का तोहफा, YSR चेयुता स्कीम के तहत 4,687 करोड़ आवंटित

17 Jan, 2021 16:40 IST|Sakshi
डिजाइन फोटो।

अमरावती : मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ( Jagan Mohan Reddy) द्वारा शुरू की गई वाईएसआर चेयुता योजना( YSR Cheyutha Scheme) के अन्तर्गत, राज्य सरकार ने इस वर्ष योजना के लिए 4,687 करोड़ रुपये रखे हैं। 12 अगस्त को पिछले साल शुरू की गई YSR चेयुता योजना का उद्देश्य अनुसूचित जाति (SC) / अनुसूचित जनजाति (ST) / अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) / अल्पसंख्यक जातियों की महिलाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करना है। इस योजना के माध्यम से महिलाओं को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। यह राशि योजना के लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे डीबीटी प्रक्रिया के हिस्से के रूप में हस्तांतरित की जाएगी।

स्कीम की उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से संपन्न बनाना
वाईएसआर चेयुता योजना का उद्देश्य महिलाओं की आर्थिक रूप से मदद करके उनकी आर्थिक रूप से संपन्न बनाना है। राज्य सरकार महिलाओं को व्यवसाय में उनके द्वारा प्राप्त राशि का निवेश करने और इस योजना के माध्यम से महिलाओं के लिए स्थायी आजीविका सुनिश्चित करने के लिए मार्केटिंग और तकनीकी सहायता प्रदान कर रही है। इस योजना में 45 से 60 वर्ष से कम उम्र की महिलाओं को चार साल की अवधि में प्रदान किए जाने वाले 75,000 रुपये का वित्तीय लाभ शामिल है

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मिलेगी मजबूती
आने वाले चार वर्षों में, हर साल 18,750 रुपये लाभार्थियों को प्रदान किए जाएंगे। इस योजना का उद्देश्य आंध्र प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है और इससे एससी, एसटी, बीसी और अल्पसंख्यक समुदाय की 23 लाख महिलाओं को लाभ होने जा रहा है।लगभग आठ लाख विधवाएँ और अकेली रहने वाली महिलाएँ जिनकी आयु 45 से 60 साल के बीच है, उन्हें हर साल 27,000 रुपए की पेंशन मिल रही है और इसके अलावा, उन्हें हर साल 18,750 रुपये मिलेंगे, जिससे प्रत्येक लाभार्थियों के लिए साल में कुल राशि 45,750 रुपये हो जाएगी।

25 लाख से अधिक महिलाओं को मार्केटिंग और तकीनीकी सहायता कराई जाएगी मुहैया
आंध्र प्रदेश सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए अमूल, रिलायंस, हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड आदि कंपनियों के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। ये कंपनियां राज्य की 25 लाख से अधिक महिलाओं को मार्केंटिंग के मौके और तकनीकी सहायता मुहैया कराएंगी।। बुडगा जंगंमा, बेंटी ओडिया जैसी जातियों की महिलाएं, जिन्हें जाति प्रमाण पत्र की पात्रता नहीं हैं, उन्हें भी वित्तीय सहायता प्रदान की गई है और उन्हें वाईएसआर चेयुथा योजना का लाभ मिलेगा।

60 साल तक की महिलाओं को मिलेगा लाभ
पंचायत राज और ग्रामीण विकास द्वारा एक सरकारी आदेश जारी किया गया था जिसमें कहा गया था कि जो लाभार्थी हर साल 12 अगस्त को 45 साल की आयु के बाद पात्र हो जाते हैं, उन्हें योजना का लाभ प्राप्त होगा। जो पहले से ही नामांकित हैं और 60 साल के उपर हैं, उन्हें इस योजना का लाभ मिलना बंद हो जाएगा, क्योंकि ऐसे लाभार्थी कनुका पेंशन का लाभ मिलेगा।

सरकार ने की 3,937.90 करोड़ की मदद

वाईएसआर चेयुता योजना के पहले चरण के तहत, सरकार ने 18,750 से 21,00,189 लाभार्थियों को 3,937.90 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान की है। राज्य सरकार ने 13 नवंबर, 2020 को 2.72 लाख लाभार्थियों के लिए 510 करोड़ रुपये की वाईएसआर चेयुथा योजना का दूसरा चरण जारी किया है। जिन महिलाओं को पहले चरण में योजना का लाभ नहीं मिल पाया था, उन्हें योजना के दूसरे चरण में शामिल किया जाएगा।

मवेशियों की खरीद के लिए सरकार ने निर्धारित की 5,386 करोड़ की राशि
इस योजना के तहत, सभी लाभार्थियों को अपनी उत्पाद अमूल को बेचने के लिए समर्थन दिया जाएगा। सरकार हरियाणा, पंजाब, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु, तेलंगाना और राज्य से खरीदे गए मवेशियों (गाय, भैंस, बकरी और भेड़) को वितरित करने की योजना बना रही है। सरकार द्वारा मवेशियों की खरीद के लिए 5,386 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है। सरकार 9,688 केंद्रों पर लाभार्थियों से रायथु भारसा केंद्रों में दूध एकत्र करने की सुविधा प्रदान करेगी। 

जगन सरकार का उद्देश्य परिवार की आय में 15-18 प्रतिशत की वृद्धि
बता दें कि पिछली सरकार केवल 20-40 की उम्र वाली महिलाओं के कल्याण पर ध्यान केंद्रित करती थी, लेकिन जगन सरकार ने 45-60 साल की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मदद कर रही है।  वाईएसआर चेयुथा का उद्देश्य महिलाओं के माध्यम से परिवारों को सशक्त बनाना और स्थिर आय सृजन एवेन्यू बनाने में उनकी मदद करना है। इसका उद्देश्य परिवार की आय में 15-18 प्रतिशत की वृद्धि करना है।

प्रत्येक लाभार्थी के खाते में 18750 रुपए किए जाएंगे जमा
पहले चरण में, 21 लाख लाभार्थियों को 3,932.90 करोड़ रुपये और दूसरे चरण में, अन्य 2.72 लाख लाभार्थियों को 510 करोड़ रुपये की  आर्थिक  सहायता प्रदान की गई। पहले चरण की तरह, प्रत्येक लाभार्थी के खातों में 18,750 रुपये जमा किए जाएंगे।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को एक स्थिर आय स्रोत प्राप्त करने में मदद करना है, जिसके लिए सरकार ने कई प्रमुख बहुराष्ट्रीय निगमों जैसे पी एंड जी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, अल्लाना, रिलायंस, अमूल के साथ समझौता किया है। इसके अलावा, सरकार लाभार्थियों को विपणन और तकनीकी विशेषज्ञता प्रदान कर रही है।

23.72 लाख लाभार्थियों में से 11.95 लाख ने स्वरोजगार में रुचि दिखाई और उनमें से 1.48 लाख खुदरा दुकानों को स्थापित करने में रुचि रखते हैं। लाभार्थियों को 53.60 करोड़ रुपये के बैंक ऋण की सुविधा दी गई। सरकार का प्रारंभिक लक्ष्य 31,860 खुदरा दुकानें स्थापित करना था, जिसमें से लगभग 27,850 खुदरा दुकानें स्थापित की गईं। लगभग, सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य का 87 प्रतिशत हासिल किया गया था।

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