वर्ष 2022 तक पूर्वी नौदल में शामिल होगा 'विक्रांत' : वाइस एडमिरल जैन

3 Dec, 2020 18:51 IST|के. लक्ष्मण
पूर्वी नौदल सेना के प्रमुख अधिकारी वाइस एडमिरल अतुल कुमार जैन

पूरी तरह देशी तकनीकी पर बना युद्धपोत

विशाखापट्टणम : पूर्वी नौदल सेना (Indian Navy) के प्रमुख अधिकारी वाइस एडमिरल अतुल कुमार जैन (Atul Kumar Jain) ने कहा कि वर्ष 2022 तक पूर्वी नौदल में 'विक्रांत'  (Vikrant)शामिल होगा। 'विक्रांत' को पूरी तरह स्वदेशी तकनीकी का उपयोग कर बनाया जा रहा है। गुरुवार को उन्होंने मीडिया से कहा कि 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान (Atmanirbhar Bharat) के अंतर्गत देश के तीनों सेना दलों को मजबूत किया जा रहा है।  

विशाखापट्टणम के पूर्वी नौदल में आधुनिकी तकनीकी से लैस 'विक्रांत' युद्धपोत शामिल होगा। युद्धपोत को पांच ट्रिलियन एकानॉमी से ढुलाई करनेवाली क्षमता से लैस किया जा रहा है। रक्षा(Defence) क्षेत्र में पब्लिक, निजी और एमएसएम (MSM) के सहयोग की आवश्यकता है। 5 ट्रिलियन एकानॉमी से बने पोत का समुद्री यातायात में महत्वपूर्ण रोल होगा। रक्षा क्षेत्र में सुरक्षा और मजबूत करने में पोत का इस्तेमाल होगा। 

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वाइस एडमिरल ने कहा कि युद्ध के दौरान दुश्मनों पर सीधे अटैक करने के उद्देश्य से एयर क्रॉफ्ट करियर, लॉंग रेज शिप, न्यूक्लियर सबमराइन की व्यवस्था भी युद्धपोत पर की जाएगी। मेरीटाइम डोमेन की सतर्कता को लेकर विशेष ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के कारण  निर्माणाधीन विक्रांत एयर क्रॉफ्ट करियर  को पूरा होने में समय लग रहा है। वर्ष 2021 तक विक्रांत का ट्रायल पूरा होने की संभावना है।  

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