गृहमंत्रालय का हाईकोर्ट में काउंटर एफिडेविट, कहा- राजधानी का मसला राज्य सरकार से जुड़ा

6 Aug, 2020 15:02 IST|संजय कुमार बिरादर
कॉंसेप्ट फोटो


विजयवाड़ा : केंद्रीय गृहमंत्रालय ने राजधानी के मुद्दे पर आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में गुरुवार को एक काउंटर हलफनामा दाखिल कर स्पष्ट किया है कि राजधानी पर अंतिम निर्णय राज्य के अधीन आता है। उसने कहा कि राजदानी के फैसले में केंद्र की कोई भूमिका नहीं है। गृहमंत्रालय ने कहा कि विधायिकाओं में हुई चर्चा अदालत के दायरे में नहीं आती।

रिट याचिका 20622/2018 के जवाब में केंद्रीय गृहमंत्रालय ने यह हलफनामा दाखिल किया है। उसने बताया कि विभाजन कानून की धारा 6 के मुताबिक वर्ष 2014 में शिवरामकृष्णन के नेतृत्व में एक कमेटी गटित की गई और इस कमेटी ने राजधानी का निर्माण कहां होना चाहिए, इसका जायजा लिया।  बाद में कमेटी ने 30 अगस्त 2014 को राजधानी पर एक रिपोर्ट सौंपी।
2015 में तत्कालीन टीडीपी सरकार ने अमरावती को राजधानी घोषित किया। इसलिए राज्य की राजधानी के मामले में केंद्र की कोई भूमिका नहीं है। 31 जुलाई 2020 को आंध्र  प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक विकेंद्रीकरण कर इससे संबंधित एक गजिट जारी किया। इस गजिट के मुताबिक आंध्र प्रदेश में कुल तीन प्रशासनिक केंद्र होंगे, जिसमें अमरावती को लेजिस्लेविट कैपिटल, विशाखापट्टणम को प्रशासनिक कैपिटल और कर्नूल को ज्यूडिशियल कैपिटल बनाया गया है।

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