पंचायत चुनाव में ढह गया चंद्रबाबू का साम्राज्य, कुप्पम में रिवर्स हुआ सीन

22 Feb, 2021 16:47 IST|संजय कुमार बिरादर
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कुप्पम में करारी हार से टीडीपी के नेताओं व कार्यकर्ताओं में निराशा

गुंडागर्दी के कारण चुनाव हारने की चंद्रबाबू की दलील सच्चाई से दूर

जल्द ही कुप्पम दौरे की तैयारी 

तिरुपति : तीन दशकों तक अपना गढ़ रहे कुप्पम निर्वाचन क्षेत्र में इस बार पंचायत चुनाव में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के समर्थित उम्मीदवारों की  एकतरफा जीत से टीडीपी के हौसले पश्त हो गए हैं। अपने पार्टी प्रमुख के निर्वाचन क्षेत्र में वोटरों के पार्टी को ठुकराने और उम्मीदवारों को मिली करारी हार से टीडीपी नेता व कार्यकर्ता निराशा में डूब गए हैं।

कुप्पम में मौजूद कुल 89 ग्राम पंचायतों के मुकाबले  75 सीटों पर YSRCP समर्थक और सिर्फ 14 जगहों पर टीडीपी समर्थित उम्मीदवारों के जीतने से राजनीतिक खेमे में खलबली मची हुई है। साल 2013 के पंचायत चुनाव में YSRCP के समर्थक 14 और टीडीपी के समर्थक 75 सीटों पर विजयी हुए थे और अब सीन बिल्कुल रिवर्स हो गया है। इससे तीन दशक पुराना चंद्रबाबू नायडू का साम्राज्य ढह गया है।

YSRCP के समर्थकों को मिले बहुमत को जोड़ने पर कुप्पम में टीडीपी की करीब 30 हजार वोट से हार हुई है। 1989 के चुनाव से चंद्रबाबू कुप्पम में जीतते रहे हैं। 2019 के विधानसभा चुनाव में बाबू को सिर्फ 17 हजार वोट का बहुमत मिला था और अब 30 हजार वोट का अंतर होने से राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि कुप्पम में भी बाबू की लोकप्रियता कम होती जा रही है।

चंद्रबाबू यह कहकर लोगों को गुमराह करने का हर संभव प्रयास करते रहे कि पंचायत चुनाव में टीडीपी की स्थिति मजबूत होगी, लेकिन चुनावी नतीजे बिल्कुल टीडीपी के खिलाफ रहे।  जनता का फैसला इतना स्पष्ट होने के बाद भी चंद्रबाबू यह कहकर लोगों की सहानुभूति बटोरने की कोशिश करते रहे हैं कि YSRCP की गुंडागर्दी की वजह से उनकी पार्टी की हार हुई है। 

2014 के विधानसभा चुनाव में YSRCP के उम्मीदवार चंद्रमौली ने 55 हजार से ज्यादा वोट हासिल किए थे। 2019 के विधानसभा चुनाव में YSRCP उम्मीदवार चंद्रमौली को 69 हजार से अधिक वोट मिले। हाल के पंचायत चुनाव में कुप्पम, रामकुप्पम, गुडुपल्ली मंडलों में वाईएसआरसीपी के समर्थक उम्मीदवारों ने करीब 70 हजार वोट हासिल किए हैं, जबकि टीडीपी को सिर्फ 36,113 वोट मिले हैं। चंद्रबाबू, लोकेश और भुवनेश्वरी के प्रति दिन टेलिकॉंफ्रेन्स और जूम मीटिंग करने के बाद भी टीडीपी को आशाजनक वोट नहीं मिले।

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कुप्पम में टीडीपी को मिली हार को लोकतंत्र की हार बताते हुए चंद्रबाबू पिछले दो दिन से कुप्पम के नेताओं के साथ टेलीकांफ्रेन्स के जरिए हार की वजह जानने की कोशिश कर रहे हैं। टीडीपी के सूत्रों की मानें तो पंचायत चुनाव में टीडीपी समर्थित उम्मीदवारों की हार को हजम नहीं कर पा रहे हैं चंद्रबाबू और रामकुप्पम में 20 पंचायतों में हार से उनकी नींद उड़ चुकी है। बताया जा रहा है कि चंद्रबाबू ने अपने नेताओं व कार्यकर्ताओं से कहा है कि पंचायत चुनाव के बाद वे दो-तीन दिन कुप्पम के दौरे पर रहेंगे।
 

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