SIT ने फिर शुरू की विशाखा भूमि घोटाले की जांच, 2-3 महीने में पूरी होने की उम्मीद

18 Oct, 2020 17:16 IST|संजय कुमार बिरादर
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सिट को मिली 1400 शिकायतें

13 मंडलों में भूमि घोटाला

विशाखापट्टणम : तेलुगु देशम पार्टी के शासनकाल में विशाखापट्टणम में हुए भूमि घोटाले की जांच के लिए राज्य की YSRCP सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (सिट) ने फिर से अपना काम शुरू कि दिया है। गौरतलब है कि कोरोना की वजह से जांच गत मार्च से रुकी हुई थी।

फिलहाल वायरस के मामलों में आती कमी को देखते हुए सिट के चेयरमैन डॉक्टर विजय कुमार ने शनिवार को विशाखापट्टणम पहुंच कर टीम के बाकी सदस्यों से भेंट की। सरकारी सर्क्यूट हाउस में चेयरमैन विजय कुमार, सदस्यों वाईवी अनुरोधा, भास्कर राव ने बैठक कर जांच पर चर्चा की। गौरतलब है कि सिट पहले ही एक अंतरिम रिपोर्ट सौंप चुकी है। 

ऐसे में अगले दो-तीन महीने में जांच पूरी करने की तैयारी की जा रही है। इससे पहले सिट के पास काम कर चुके उपजिलाधीश शेष शैलरजा और तहसीलदार तिरुमलराव का हाल में तबादला हो जाने के मद्देनजर अधिकारी उनके स्थान पर सिट के लिए जरूरी कर्मचारियों की नियुक्ति की तैयारी कर रहे हैं।

सिट को मिली 1400 शिकायतें
गत अक्टूबर में  गठित SIT ने गत वर्ष 1 से 7 नवंबर तक सिरिपुरम हुड़ा ऑडिटोरियम में आवेदन स्वीकारे थे। कुल 1400 आवेदन मिले और अब तक 400 शिकायतों से संबंधित जांच पूरी हो चुकी है तथा शेष 1000 आवेदनों की जांच बाकी है। सिट अगले दो-तीन महीने में जांच प्रक्रिया को पूरी करने के इरादे से काम कर रही है। एनओसी, रिकार्ड्स से छेड़छाड़, सरकारी जमीनें निजी व्यक्तियों व संस्थानों को सौंपने जैसे विषयों की जांच की जा रही है।

13 मंडलों में भूमि घोटाला
सिट ने विशाखापट्टणम जिले के 13 जिलों में गत तेदेपा सरकार के शासनकाल में हुए भूमि घोटालों का पता लगाया है। विशाखा रूरल, अनंदपुरम, पद्मनाभम, भीमिली और नगर में महारानीपेट, मुलगाड़ा, गोपालपट्टणम, सीतम्मा धारा, गाजुवाका, पेदगंट्याड, सब्बवरम, परवाड़ा, पेंदुर्ति मंडलों में भूमि घोटाला होने के आरोप लगे थे।

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पिछली सरकार में जमीन के रिकार्ड्स से छेड़छाड़, वेबलैंड में नाम बदलने, अवैध रूप से एनओसी जारी, भूमि सर्वे नंबरों में करेक्शन, सरकारी जमीनें निजी व्यक्तियों को सौंपने, दादा-परदादाओं के जमाने से जमीन होने के बावजूद रातों-रात नाम बदलने जैसी घटनाएं घटी थीं। 

NOC  भी मनमाने ढंग से जारी किए गए। स्वतंत्रता सेनानियों व एक्ससर्विसमैन की जमीनें अन्य लोगों को सौंपने के मामले में भी एनओसी मनमाने ढंग से जारी किए गए हैं। सिट इनकी जांच भी कर रही है। सिट ने अब मामले की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट तैयार करने पर ध्यान केंद्रित किया है।

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