महिलाओं की सुरक्षा के लिए जगन सरकार का एक और कदम, लॉंच किया कारगर एप

23 Nov, 2020 19:16 IST|संजय कुमार बिरादर
अभयम एप की तस्वीर

अमरावती : आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने सोमवार को 'अभयम' एप लांच किया। यह एप कैब और आटो में सफर करने वाली महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा के लिए तैयार किया गया है। यात्रा के दौरान ट्रैकिंग के लिए इस एप खास उपकरणों की व्यवस्था की गई है।

पायलट प्रोजेक्ट के लिए सीएम ने सबसे पहले विशाखापट्टणम जिले को चुना है। उन्होंने ताड़ेपल्ली स्थित कैंप कार्यालय में इस एप को लांच करने के बाद कहा कि परिवहन विभाग की देखरेख में 'अभयम' एप मुहैया कराया गया है और राज्यभर के करीब एक लाख आटो को अभयम एप के तहत लाया जाएगा।

सीएम ने कहा कि आटो और कैब में निर्भयता से सफर करने में यह एप उपयोगी साबित होगा। राज्य के हर आटो और कैब में अभयम ऐप डिवाइज की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा के मामले में किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।  उन्होंने अधिकारियों को कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता देने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि देश में पहली बार दिशा बिल पेश करके आंध्र प्रदेश दूसरी सरकारों के लिए आदर्श बन गई है।


उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट का कुल खर्च 138.48 करोड़ रुपए है और केंद्र सरकार ने निर्भया स्कीम के तहत साल 2015 में आंध्र प्रदेश के लिए 80.09 करोड़ रुपए आवंटित किए थे। राज्य सरकार को अपने हिस्से के 55.39 करोड़ रुपए आवंटित करने हैं। परिवहन निगम ने चरणबद्ध तरीके से राज्य में एक लाख परिवहन वाहनों में ट्रैकिंग डिवाइज लगाकर अगले वर्ष नवंबर तक इस प्रोजेक्ट को पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

ऐसे काम करते है अभयम 

►सबसे पहले ट्रांसपोर्ट वाले वाहनों में ट्रैकिंग डिवाइस लगाई जाएगी
అభయం’ అమలు ఇలా..
►चरणबद्ध तरीके से परिवहन के वाहनों में आईओटी बॉक्स भी लगेंगे।

►सबसे पहले एक हजार ओटो में ये उपकरण लगाए गए। अगले 1 फरवरी तक पांच हजार वाहन, 1 डुलाई तक 50 गडाक और अगले वर्ष 30 नवंबर तक एक लाख वाहनों में ये उपकरण लग जाएगा।

► ऑटो और कैब में सफर करने वालों को अपने मोबाइल पर अभयम मोबाइल एप्लिकेशन इंस्टाल करना चाहिए और वाहन में सवार होने से पहले वाहन में लगा क्यू आर कोड को स्कैन करना चाहिए।

► स्कैन करते हुए ड्राइवर की तस्वीर और वाहन से जुड़ी पूरी जानकारी आपके मोबाइल पर आ जाएगी।

► स्मार्ट फोन का इस्तेमाल करने वाली महिलाओं के यात्रा के दौरान परेशानी होने पर मोबाइल एप से संबंधित वाहन का नंबर भेजने पर वाहन कहां है इसका जीपीएस के जरिए पता लगाने की सुविधा है।
► स्मार्ट फोन नहीं रहने वाले यात्री वाहन में लगे आईओटी उपकरण में लगा पैनिक बटन दबाने पर सूचना कमांड कंट्रोल सेंटर पहुंचेगी। कैब/ऑटो तुरंत रुक जाएगी। इसके तुरंत बाद पास के पुलिस अधिकारियों तक इसकी सूचना मिल जाएगी।

►आईओटी आधारित बॉक्स ऑटो और कैब में लगने के बाद ड्राइवरों के लाइसेंस में रेडियो फ्रिक्वेन्सी आइडेंटिटी टेक्नोलॉजी (आरएफडी) कार्ड दिए जाएंगे।

►ऑटो स्टार्ट करते वक्त ईस आरएफआईडी लाइसेंस कार्ड इंडन के पास लगे आईओटी बॉक्स से स्वाइप करने के बाद ही ऑटो का इंजन स्टार्ट होगा।

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