आरटीसी के विलीनीकरण से सरकार पर पड़ रहा 3 हजार करोड़ रुपये का भार : मंत्री बुग्गना

3 Dec, 2020 15:16 IST|के. लक्ष्मण
मंत्री बुग्गना राजेंद्रनाथ रेड्डी

अमरावती : आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान गुरुवार को कर्मचारियों का कल्याण और सरकार नीति को लेकर कुछ समय के लिए चर्चा हुई। मंत्री बुग्गना राजेंद्रनाथ रेड्डी (Buggana Rajendranath Reddy) ने कहा कि वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSR Congress Party) ने सरकारी कर्मचारियों के कल्याण के लिए अहम कदम उठाया है। एपीएसआरटीसी (APSRTC) को सरकार में विलीन करना, एक ऐतिहासिक निर्णय है। 

मंत्री बुग्गना ने कहा कि 51,500 आरटीसी कर्मचारियों का विलीनीकरण करने से हर साल सरकार पर 3 हजार करोड़ रुपये का भार पड़ रहा है। सरकार ने भरोसा दिया था, इसलिए कर्मचारियों के कल्याण को देखते हुए कारगर कदम उठाये हैं। आउट सोर्सिंग (Out Sourcing) और ठेकदारी प्रणाली पर नियुक्त कर्मचारियों के लिए कॉरपोरेशन बनाया गया है। इससे लगभग 70 हजार लोगों को लाभ मिल रहा है। आशा वर्करों का वेतन 3 से हजार रुपये से बढ़ाकर 10 हजार रुपये कर दिया है। 

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राजेंद्रनाथ रेड्डी ने कहा कि ट्राइबल हेल्थ वर्करों का वेतन 400 रुपये से बढ़ाकर 4,000 हजार रुपये कर दिया गया है। सफाईकर्मियों का वेतन 12 हजार रुपये से बढ़ाकर 18 हजार रुपये किया है। इन लोगों का वेतन चाहे कितना भी बढ़ाया जाए, कम ही है। वे ऐसा काम कर रहे हैं, जो अन्य कोई नहीं कर सकता। कम वेतन पानेवाले कर्मचारियों की आर्थिक समस्या का समाधान करने के उद्देश्य से सरकार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सीपीएस प्रणाली रद्द करने का मुद्दा अभी प्रोसेस में है। मंत्रियों के कमेटी की  बैठक हो रही है। सीपीएस रद्द करने के संदर्भ दिये गये आश्वासन के प्रति सरकार कटिबद्ध है। 

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