आंध्र प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट में एफिडेविट दाखिल किया, केंद्र की नहीं आपत्ति

13 Aug, 2020 22:06 IST|के. लक्ष्मण

आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जा देने तक विभाजन प्रक्रिया अधूरी समझनी चाहिए

राजधानी का निर्णय राज्य के अधिकार क्षेत्र में आता है

अमरावती : आंध्र प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट में गुरुवार को एफिडेविट दाखिल किया। सरकार के एफिडेविट में महत्वपूर्ण मुद्दा राजधानियों के निर्णय का रहा। यही बात केंद्र ने अपने एफिडेविट में कही है। 

बताया गया कि राज्य सरकार का राजधानी के साथ अन्य विभिन्न विकास कार्यप्रणाली, परियोजनाओं के निर्माण का अधिकार होता है। प्रशासन का विकेंद्रीकरण, सीआरडीए रद्द कानून के साथ राजधानी स्थानांतर को लेकर याचिकाकर्ता की आपत्ति विचाराधीन नहीं है। 

आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जा देने तक विभाजन प्रक्रिया अधूरी समझनी चाहिए। विशेष दर्जे की बात हर एक बैठक में कही जा रही है। विशेष दर्जे के मुद्दे पर केंद्र और राज्य के बीच उलझनभरे कुछ मुद्दे हैं। 

केंद्र ने हाईकोर्ट को अपना प्रस्ताव पेश किया है। प्रस्ताव में कहा गया कि राजधानी कहां होनी चाहिए, इसका निर्णय लेने का राज्य को अधिकार है। इस निर्णय में केंद्र की कोई भूमिका नहीं होती है। राजधानी का निर्णय राज्य के अधिकार क्षेत्र में आता है। केंद्र के गृह मंत्रालय ने यह बात अपने एफिडेविट में कही है। 

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